कमजोर मानसून से ग्रामीण मांग, निजी उपभोग पर पड़ सकता है असर: आरबीआई गवर्नर

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कमजोर मानसून से ग्रामीण मांग, निजी उपभोग पर पड़ सकता है असर: आरबीआई गवर्नर

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  • Publish Date - June 5, 2026 / 04:08 PM IST,
    Updated On - June 5, 2026 / 04:08 PM IST

मुंबई, पांच जून (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून में अनुमानित कमी से ग्रामीण मांग और निजी उपभोग पर असर पड़ सकता है। हालांकि, इसके प्रभाव को कम करने के लिए कई उपाय किए जा रहे हैं।

मौद्रिक नीति के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन में गवर्नर ने कहा कि अब तक ग्रामीण मांग और निजी उपभोग की स्थिति अच्छी बनी हुई है, लेकिन कुछ नरमी आना संभव है।

उन्होंने कहा, “ग्रामीण मांग पर हां; निजी उपभोग पर हां। कुछ असर जरूर होगा।”

यह बयान उन्होंने मानसून में संभावित कमी के प्रभाव से जुड़े सवाल पर दिया।

मल्होत्रा ने कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून में संभावित कमी से कृषि उत्पादन और ग्रामीण क्षेत्रों की मांग पर असर पड़ सकता है, लेकिन इसके प्रभाव को कम करने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि फसल विविधीकरण, जल संचयन और संरक्षण, जलवायु-अनुकूल कृषि पद्धतियों और कम अवधि वाली फसलों को बढ़ावा देने जैसी पहल से प्रभाव को कुछ हद तक कम किया जा सकता है।

गवर्नर ने यह भी कहा कि ऊर्जा और अन्य कच्चे माल की लागत में वृद्धि तथा आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान आर्थिक गतिविधियों और उपभोग पर दबाव डाल सकते हैं।

उन्होंने कहा कि प्रभाव की गंभीरता इस बात पर निर्भर करेगी कि संघर्ष कितने समय तक चलता है और आपूर्ति श्रृंखला को सामान्य होने में कितना समय लगता है।

भाषा योगेश अजय

अजय