मुंबई, 10 मार्च (भाषा) जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह (जेएनपीए) के कंटेनर टर्मिनल संचालक पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण उत्पन्न बाधाओं के मद्देनजर बंदरगाह पर फंसे पश्चिम एशिया जाने वाले कंटेनर पर 15 दिन तक के लिए ‘ग्राउंड रेंट’ और ‘ड्वेल टाइम’ शुल्क में शत-प्रतिशत छूट देंगे। जेएनपीए ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
बंदरगाह की सीमा के भीतर कंटेनर रखने के लिए वसूला जाने वाला किराया ‘ग्राउंड रेंट’ कहलाता है, जबकि कंटेनर के बंदरगाह पर पहुंचने से लेकर वहां से रवाना होने तक के कुल समय को ‘ड्वेल टाइम’ कहा जाता है। यह बंदरगाह पर माल के ठहराव और भंडारण पर लगने वाला शुल्क है।
इसके अतिरिक्त, जेएनपीए ने हितधारकों को सूचित किया कि जल्दी खराब होने वाले सामान के लिए इस्तेमाल होने वाले ‘रीफर’ (प्रशीतित/ठंडे) कंटेनर को बिजली आपूर्ति के लिए लगने वाले ‘रीफर प्लग-इन’ शुल्क में भी 15 दिन तक 80 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। यह राहत उन कंटेनर पर लागू होगी जो 28 फरवरी से बंदरगाह के भीतर थे या आठ मार्च को सुबह सात बजे तक वहां पहुंच चुके थे।
जेएनपीए ने कहा कि पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक अस्थिरता के कारण बंदरगाह क्षेत्र में फंसे निर्यात कंटेनर पर भंडारण/ड्वेल टाइम और रीफर प्लग-इन शुल्क में यह छूट बंदरगाह उपयोगकर्ताओं की कठिनाइयों को कम करने के उद्देश्य से दी जा रही है।
यह राहत पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय द्वारा देश के प्रमुख बंदरगाह संचालकों के लिए जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के कुछ दिनों बाद आई है। मंत्रालय ने पश्चिम एशिया संकट के बीच कंटेनर टर्मिनल संचालकों से व्यवधानों के प्रभाव को कम करने के लिए विभिन्न शुल्कों पर छूट देने पर विचार करने को कहा था।
जेएनपीए ने व्यापार नोटिस में कहा, ‘‘सभी टर्मिनल संचालक 15 दिन (28 फरवरी की मध्यरात्रि से 14 मार्च की रात 12 बजे तक) के लिए ग्राउंड रेंट और ड्वेल टाइम पर 100 प्रतिशत की छूट देंगे। यह छूट उन कंटेनर के लिए होगी जो 28 फरवरी से टर्मिनल के अंदर थे या जो आठ मार्च को सुबह सात बजे तक बंदरगाह के भीतर आ चुके थे।’’
इस बंदरगाह पर पांच कंटेनर टर्मिनल— न्हावा शेवा फ्री पोर्ट टर्मिनल (एनएसएफटी), न्हावा शेवा इंटरनेशनल कंटेनर टर्मिनल (एनएसआईसीटी), न्हावा शेवा इंडिया गेटवे टर्मिनल (एनएसआईजीटी), भारत मुंबई कंटेनर टर्मिनल (बीएमसीटी) और जीटीआई-एपीएम टर्मिनल हैं।
इन टर्मिनल का संचालन डीपी वर्ल्ड, पीएसए इंटरनेशनल, एपीएम टर्मिनल्स और जेएम बक्सी जैसे वैश्विक संचालकों द्वारा किया जाता है।
भाषा सुमित अजय
अजय