धोखाधड़ी के जोखिम को लेकर व्हाट्सऐप का ‘यूजरनेम फीचर’ सरकार की जांच के घेरे में

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धोखाधड़ी के जोखिम को लेकर व्हाट्सऐप का ‘यूजरनेम फीचर’ सरकार की जांच के घेरे में

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  • Publish Date - July 1, 2026 / 07:49 PM IST,
    Updated On - July 1, 2026 / 07:49 PM IST

नयी दिल्ली, एक जुलाई (भाषा) सरकार व्हाट्सऐप की प्रस्तावित ‘यूजरनेम फीचर’ की जांच कर रही है। इसको लेकर इस बात की चिंता है कि इसका उपयोग धोखाधड़ी के लिए किया जा सकता है। सूत्रों ने यह जानकारी दी।

एक अधिकारी ने बताया कि सरकार संभवत: व्हाट्सऐप को नोटिस भेजकर उसकी विशेषताओं के बारे में पूरी जानकारी मांगने के साथ उनके असर तथा कंपनी की योजनाओं के बारे में सवाल उठा सकती है। जांच एजेंसियां ​​भी इस मामले की जांच कर सकती हैं।

एक सूत्र ने बताया कि सरकार को यह पक्का करना होगा कि इस ‘फीचर’ से कोई जोखिम न हो, क्योंकि इसे लेकर जायज चिंताएं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मेटा के स्वामित्व वाले मंच की हाल की घोषणा से गंभीर चिंताएं पैदा हुई हैं।

उन्होंने बताया कि अधिकारी इस बात की जांच करेंगे कि क्या इस ‘फीचर’ पर रोक लगाने के लिए कोई कानूनी प्रावधान हैं। अगर व्हाट्सऐप का जवाब संतोषजनक नहीं रहा, तो सरकार इसके क्रियान्वयन को रोकने की कोशिश कर सकती है।

सूत्रों ने कहा, ‘‘जबतक वे इस बात का भरोसा नहीं दिलाते कि इसका दुरुपयोग नहीं होगा, तब तक आगे नहीं बढ़ सकते…।’’

व्हाट्सऐप ने संकेत दिया है कि निजता को बनाये रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।

इस बारे में व्हाट्सऐप को भेजे गए ईमेल का फिलहाल कोई जवाब नहीं मिला।

सरकारी सूत्रों ने कहा कि इस ‘फीचर’ से उपयोगकर्ता ऐसे ‘यूजरनेम’ चुन सकते हैं जो वास्तविक एजेंसियों और दूसरी संस्थाओं के नामों से मिलते-जुलते हों। इससे धोखाधड़ी की आशंका बढ़ सकती है। साथ ही, इसका सार्वजनिक सुरक्षा और समाज पर बुरा असर पड़ सकता है।

उन्होंने कहा कि सरकार राष्ट्रीय या सार्वजनिक सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगी।

मेटा के स्वामित्व वाला व्हाट्सऐप ने ‘यूजरनेम फीचर’ लाने की घोषणा की है। इससे उपयोगकर्ता अपना फोन नंबर साझा किए बिना बातचीत कर सकेंगे।

कंपनी ‘यूजरनेम’ की यह विशेषता इस साल के आखिर में आधिकारिक तौर पर पेश करेगी। वैसे कंपनी यूजरनेम आरक्षित करने की सुविधा शुरू कर चुकी है।

व्हाट्सऐप ने एक ब्लॉग में लिखा, ‘‘इस सप्ताह से, आप यूजरनेम आरक्षित कर सकते हैं ताकि जब हम इस साल के आखिर में इस फीचर को पेश करें तो आप उसका इस्तेमाल कर सकें।’’

भारत में व्हाट्सऐप के लगभग 50 करोड़ उपयोगकर्ता हैं, जो इस मंच के लिए एक अहम बाजार है।

व्हाट्सऐप के अनुसार, इस कदम का मकसद फोन नंबर साझा करने की जरूरत को समाप्त कर उपयोगकर्ता की खासकर समूह चैट में या नए लोगों से जुड़ते समय निजता को मजबूत करना है।

हालांकि, कई स्टार्टअप संस्थापक, साइबर सुरक्षा पेशेवर और प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर प्रस्तावित ‘फीचर’ को लेकर चिंता जताई है।

उनका तर्क है कि अगर सही सुरक्षा उपाय नहीं किए गए, तो इसका इस्तेमाल कंपनियों, सरकारी एजेंसियों या मशहूर हस्तियों जैसे दिखने वाले यूजरनेम का इस्तेमाल दूसरों की पहचान चुराकर धोखाधड़ी और पैसों की गड़बड़ी के लिए किया जा सकता है।

पेटीएम के संस्थापक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विजय शेखर शर्मा ने चेतावनी दी है कि अगर ठीक से सुरक्षा उपाय नहीं किये गये तो एक जैसे दिखने वाले यूजरनेम पहचान चुराने और घोटाले का बड़ा जरिया बन सकते हैं।

उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘जल्द ही व्हाट्सऐप पर आपके पास एक सत्यापित यूजरनेम होगा और फिर बिना सत्यापित हुए एक जैसे यूजरनेम होंगे… जिससे…।’’

नॉट डेटिंग के संस्थापक और सीईओ जसबीर सिंह ने सोशल मीडिया मंच पर लिखा, ‘‘निजता मायने रखती है। जवाबदेही भी।’’

सोशल मीडिया पर लोग सवाल उठा रहे हैं कि मंच पहचान को कैसे सत्यापित करेगा और चर्चित नामों के गलत इस्तेमाल को कैसे रोकेगा।

विशेषज्ञों का मानना ​​है कि यह फीचर भ्रम पैदा कर सकता है क्योंकि इससे धोखेबाजों या घोटाला करने वालों के लिए सही ब्रांड या संस्थानों से मिलते-जुलते यूजरनेम लेकर असली होने का दिखावा करना आसान हो जाएगा।

भाषा रमण अजय

अजय