Patwari suspended in cg: दो पटवारियों पर गिरी निलंबन की गाज, कलेक्टर ने इस वजह से किया सस्पेंड

Patwari suspended in cg: सक्ती जिले में धान उपार्जन की व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाले दो पटवारियों को निलंबित कर दिया गया है।

Patwari suspended in cg: दो पटवारियों पर गिरी निलंबन की गाज, कलेक्टर ने इस वजह से किया सस्पेंड

Patwari suspended in cg/Image Credit: IBC24.in File Photo

Modified Date: January 17, 2026 / 07:20 am IST
Published Date: January 17, 2026 7:10 am IST
HIGHLIGHTS
  • कलेक्टर ने दो पटवारियों को किया निलंबित।
  • सक्ति जिले के दो पटवारियों पर गिरी गाज।
  • धान खरीदी केंद्र में लापरवाही बरतने पर हुई कार्रवाई।

Patwari suspended in cg: रायपुर: सक्ती जिले में धान उपार्जन की व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाले पटवारी विशेश्वर सिंह सिदार एवं शेरसिंह राठिया को निलंबित कर दिया गया है (Patwari suspended in cg)। कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने कहा है कि, धान खरीदी के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने इस व्यवस्था से जुड़े सभी अधिकारियों को पूरी मुस्तैदी के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के निर्देश दिए हैं।

ये है निलंबन की वजह

Patwari suspended in cg: गौरतलब है कि पटवारी विशेश्वर सिंह सिदार को धान उपार्जन केन्द्र भोथिया का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया था। (Patwari suspended in cg) उनके द्वारा सौंपे गए दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही तथा टोकन सत्यापन संबंधी समीक्षा बैठक में बिना पूर्व सूचना एवं अनुमति के अनुपस्थित रहने के कारण निलंबित किया गया है।

लापरवाही बरतना पड़ा पटवारी को भारी

Patwari suspended in cg: इसी प्रकार मालखरौदा के समिति सकर्रा एवं सोनादुला में नोडल अधिकारी के रूप में पदस्थ हल्का पटवारी शेरसिंह राठिया द्वारा शासन के निर्देशों का अवहेलना, (Patwari suspended in cg) भौतिक सत्यापन तथा धान खरीदी से जुड़े टोकन सत्यापन कार्य में गंभीर लापरवाही बरतने के कारण निलंबित किया गया है।

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धान खरीदी के लिए 16 दिन शेष

छत्तीसगढ़ में धान खरीदी अपने अंतिम दौर में है, आज से महज 16 दिन बाद धान खरीदी का अंतिम दिन है। (CG Dhan Kharidi) यानि सरकार की तय समय सीमा के अनुसार 31 जनवरी 2026 के बाद धान खरीदी बंद कर दी जाएगी। किसानों को 31 जनवरी तक का टोकन जारी कर दिया गया है। हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी ऑफलाइन टोकन और लिमिट बढ़ाने की मांग की जा रही है। लेकिन इस बीच कांकेर जिला प्रशासन ने ऐसा आदेश जारी किया है, जो किसानों की टेंशन बढ़ा सकता है।

जिला प्रशासन ने जारी किए निर्देश

Patwari suspended in cg:  दरअसल, कांकेर जिला प्रशासन ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की अंतिम तिथि 31 जनवरी 2026 निर्धारित किया गया है, (CG Dhan Kharidi Last Date) लेकिन 30 एवं 31 जनवरी को शनिवार और रविवार होने के कारण उक्त तिथि में धान बेचने के लिए जारी किए गए टोकन को शासन स्तर से संशोधित किया जाकर 29 जनवरी को शिफ्ट कर दिया गया है। अतः 30 एवं 31 जनवरी के लिए जारी टोकन का धान अब 29 जनवरी को खरीदा जाएगा। जिला खाद्य अधिकारी ने जिले के किसानों से अपील करते हुए कहा है कि 30 एवं 31 जनवरी को धान विक्रय के लिए जारी टोकन वाले समस्त किसान धान बेचने के लिए 29 जनवरी को अपने क्षेत्र के खरीदी केन्द्रों में ले जाना सुनिश्चित करें।

धान खरीदी में 16 दिन शेष

दूसरी ओर धान खरीदी के सिर्फ 16 दिन शेष है और अब तक 95 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा (CG Dhan Kharidi ) की खरीदी हो चुकी है। लेकिन लाखों किसानों का धान अब तक नहीं बिका है। सरकार ने 165 लाख मीट्रिक टन खरीदी का लक्ष्य रखा है। सरकार के तय लक्ष्य को देखते हुए ये भी कहा जा रहा है कि धान खरीदी की समय सीमा को आगे बढ़ाया जा सकता है।

धान बेचकर खुश हैं किसान

Patwari suspended in cg:  वहीं, धमतरी जिले के ग्राम परखंदा के प्रगतिशील किसान साहिल साहू ने यह साबित कर दिया है कि यदि खेती को सही योजना, आधुनिक तकनीक और सरकारी व्यवस्थाओं के सहयोग से किया जाए, तो यह लाभ का सशक्त माध्यम बन सकती है। साहिल साहू ने इस खरीफ सीजन में अपने 11 एकड़ खेत में उत्पादित धान को गाड़ाडीह उपार्जन केंद्र में समर्थन मूल्य पर बेचते हुए कुल 231 क्विंटल धान का सफलतापूर्वक उपार्जन किया।

बाजार में उचित मूल्य प्राप्त हो रहा: किसान

कई वर्षों से समर्थन मूल्य पर धान विक्रय कर रहे साहिल साहू बताते हैं कि इस वर्ष की धान खरीदी व्यवस्था पहले की तुलना में कहीं अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी और किसान-हितैषी रही। उपार्जन केंद्र में समयबद्ध तौल, व्यवस्थित लाइन प्रणाली, सहयोगी कर्मचारियों की मौजूदगी और त्वरित प्रक्रिया के चलते किसानों को किसी भी (CG Dhan Kharidi) प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा। इससे किसानों का समय बचा और व्यवस्था के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ। अपनी सफलता के पीछे के अनुभव साझा करते हुए साहिल साहू कहते हैं कि उन्नत किस्म के बीजों का चयन, संतुलित उर्वरक प्रबंधन और कृषि कार्यों का समय पर निष्पादन उनकी खेती की प्रमुख विशेषता है। कृषि विभाग से प्राप्त मार्गदर्शन और आधुनिक तकनीकों को अपनाने से न केवल उत्पादन में वृद्धि हुई है, बल्कि फसल की गुणवत्ता भी बेहतर हुई है, जिससे बाजार में उचित मूल्य प्राप्त हो रहा है।

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