CG Furniture Scam: आचार संहिता के दौरान खरीदी थी 5 करोड़ की फर्नीचर और साइकिल, अब शिक्षा विभाग की खुली पोल, तत्कालीन डीईओ पर लगे गंभीर आरोप

Ads

CG Furniture Scam: आचार संहिता के दौरान खरीदी थी 5 करोड़ की फर्नीचर और साइकिल, अब शिक्षा विभाग की खुली पोल, तत्कालीन डीईओ पर लगे गंभीर आरोप

  •  
  • Publish Date - October 31, 2025 / 05:46 PM IST,
    Updated On - October 31, 2025 / 05:51 PM IST

CG Furniture Scam | Photo Credit: IBC24

HIGHLIGHTS
  • ₹5 करोड़ की खरीदी आचार संहिता के दौरान की गई
  • GeM पोर्टल की जगह CSIDC से खरीदी
  • नियमों की अनदेखी का आरोप

अम्बिकापुर: CG Furniture Scam अम्बिकापुर में जिला शिक्षा विभाग का नया कारनामा उजागर हुआ है, जहां आचार संहिता के समय करीब 5 करोड़ रुपये के फर्नीचर, विज्ञान सामग्री और निःशुल्क साइकल खरीदी में बड़ी गड़बड़ी का खुलासा हुआ है। आरटीआई से मिली जानकारी के बाद शिकायतकर्ता ने इस मामले में नियमों को ताक पर रखकर खरीदी और फर्जी खरीदी का भी आरोप लगाते हुए मामले की शिकायत की है तो वही अब अधिकारी इस मामले में जांच के बाद कार्रवाई की बात कह रहे है।

CG Furniture Scam सरगुजा जिला शिक्षा कार्यालय के द्वारा वर्ष 2024 में करोड़ों की खरीदी में बड़े भ्रस्टाचार का मामला उजागर हुआ है। दरअसल, आरटीआई कार्यकर्ता परवेज आलम ने आरोप लगाया है कि सरगुज़ा जिला शिक्षा विभाग के द्वारा तत्कालीन शिक्षा अधिकारी अशोक सिन्हा के द्वारा फर्नीचर, विज्ञान सामग्री व साइकल ख़रीदी ने बड़ी गड़बड़ी की गई। जिसे लेकर उन्होंने बड़े अधिकारियों से भी मामले की शिकायत की है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि करीब 5 करोड़ की खरीदी 23 मई 2024 को की गई, जबकि इस समय लोक सभा चुनाव की आदर्श आचार सहिंता लगी हुई थी, ऐसे में इस समय खरीदी हो ही नही सकती।

इसके अलावा शिकायत में ये भी दावा किया गया कि खरीदी जेम पोर्टल से करने के बजाय सीएसआईडीसी से की गई। यही नहीं आरोप ये भी लगाया गया है कि कई सामग्री सिर्फ कागजों में ही खरीद ली गई जबकि इसकी खरीदी और सप्लॉई की ही नही गई।

शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि उक्त मामले की जानकारी जब उन्होंने आरटीआई के माध्यम से निकाली तो विभाग के द्वारा पूरी जानकारी भी उन्हें नही दी गई ऐसे में अब मामले की शिकायत के बाद संयुक्त संचालक शिक्षा ने संबंधित शिकायत को लेकर जांच टीम गठित करने और जांच के बाद उचित कार्रवाई करने की बात कही है। जेडी ने ये भी कहा कि जब ये खरीदी की गई थी उसकी नियमावली क्या थी, कितना समान खरीदी की गई और कितना सप्लॉई हुआ। ऐसे तमाम बिंदुओं पर जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचकर आगे की कार्रवाई की जा सकेगी।

संजय गुप्ता संयुक्त संचालक शिक्षा विभाग बहरहाल आचार सहिंता के दौरान खरीदी करना ही एक बड़ा सवाल है और शिकायतकर्ता ने गंभीर आरोप लगाते हुए दस्तावेजों के साथ मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से की है। ऐसे में देखना होगा कि आखिर इस मामले में किस तरह की जांच व कार्रवाई होती है।

Uploads_ABHISHEK_SONI_3110 AMB SUPPLY NF56

इन्हें भी पढ़े:-

यह खरीदी किस समय की गई थी?

यह खरीदी 23 मई 2024 को की गई बताई जा रही है, जब लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू थी।

इस मामले में मुख्य आरोपी कौन हैं?

शिकायत के अनुसार, तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी अशोक सिन्हा पर खरीदी में गड़बड़ी के आरोप लगाए गए हैं।

आचार संहिता के दौरान खरीदी क्यों गलत मानी जाती है?

आचार संहिता के दौरान सरकारी विभाग किसी भी तरह की वित्तीय मंजूरी या नई खरीदी नहीं कर सकते, ताकि चुनाव प्रक्रिया पर प्रभाव न पड़े।