रायपुर, 25 मई (भाषा) छत्तीसगढ़ की नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के समग्र एवं संतुलित विकास के उद्देश्य से ‘आदर्श शहर समृद्धि योजना’ की शुरुआत की जा रही है।
इसके लिए चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के नगर निकायों के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करने जा रही है। इस योजना का उद्देश्य बड़े शहरों के साथ-साथ उभरते नगरों और कस्बों को भी आधुनिक शहरी सुविधाओं से सुसज्जित करना है।
उन्होंने बताया कि यह योजना पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में नगर निगमों के लिए प्रारंभ की गई ‘मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना’ की तर्ज पर लागू की जा रही है, जिसका उद्देश्य नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में आधारभूत ढांचे को मजबूत करना, जन सुविधाओं का विस्तार करना और विकास कार्यों को गति देना है।
योजना के प्रथम चरण के लिए प्रदेशभर के 32 नगरीय निकायों का चयन किया गया है और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इनमें बस्तर, सरगुजा और रायपुर संभाग के छह-छह, बिलासपुर संभाग के नौ तथा दुर्ग संभाग के पांच निकाय शामिल हैं।
योजना के तहत कार्यों के चयन, स्थल निरीक्षण और प्राथमिकता निर्धारण के लिए संभागीय स्तर पर समितियों का गठन किया गया है। इन समितियों को आगामी 15 दिनों के भीतर कार्यों का चिन्हांकन कर प्राथमिकता के आधार पर सूची तैयार करने और अनुमानित राशि की जानकारी शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पांचों राजस्व संभागों में नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए गए हैं, ताकि कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने कहा कि यह योजना केवल आधारभूत निर्माण तक सीमित नहीं होगी, बल्कि नागरिक जीवन को अधिक सुगम, सुरक्षित और आधुनिक बनाने की दिशा में एक समग्र विकास मॉडल के रूप में कार्य करेगी।
इसके अंतर्गत सड़क, ड्रेनेज, जलापूर्ति, परिवहन, पार्क, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामुदायिक सेवाएं, रोजगार, ई-गवर्नेंस, स्मार्ट ट्रैफिक, सुरक्षा प्रणाली, हरित क्षेत्र, जल संरक्षण सहित कई क्षेत्रों में कार्य किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार बड़े शहरों के साथ-साथ छोटे नगरों के संतुलित विकास के लिए प्रतिबद्ध है और यह योजना प्रदेश के शहरी विकास को नयी दिशा और गति प्रदान करेगी।
भाषा
संजीव रवि कांत