अमित शाह ने पिछली कांग्रेस सरकार की नक्सल-विरोधी नीति पर गुमराह किया : भूपेश बघेल

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अमित शाह ने पिछली कांग्रेस सरकार की नक्सल-विरोधी नीति पर गुमराह किया : भूपेश बघेल

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  • Publish Date - March 31, 2026 / 10:04 PM IST,
    Updated On - March 31, 2026 / 10:04 PM IST

(फाइल फोटो के साथ)

रायपुर, 31 मार्च (भाषा) छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल ने मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर आरोप लगाया कि उन्होंने राज्य में पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान नक्सलियों के खिलाफ की गई कार्रवाई के बारे में झूठे दावे किए हैं।

हालांकि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बघेल पर झूठ बोलने का आरोप लगाया और कहा कि वह अपनी सरकार की नाकामियों को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं।

सोमवार को लोकसभा में शाह ने घोषणा की कि देश नक्सलियों से मुक्त हो गया है, क्योंकि माओवादियों का शीर्ष नेतृत्व और केंद्रीय ढांचा लगभग पूरी तरह से खत्म हो चुका है।

उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने माओवादियों द्वारा फैलाई गई हिंसा के लंबे दौर को खत्म करने के लिए ‘कुछ भी नहीं’ किया।

उन्होंने आरोप लगाया कि विशेषज्ञों के अनुसार, सत्ता में बैठे लोगों के समर्थन के बिना ‘रेड कॉरिडोर’ नहीं बन सकता था।

शाह ने पहले घोषणा की थी कि देश में वामपंथी उग्रवाद 31 मार्च, 2026 तक खत्म हो जाएगा।

एक वीडियो बयान में बघेल ने कहा,‘‘आज 31 मार्च है और अमित शाह जी के कथन अनुसार आज छत्तसीगढ़ में नक्सलवाद का आखिरी दिन है। कल लोकसभा में उन्होंने यह झूठ बोला कि हमारी सरकार ने उनकी मदद नहीं की। मैं अमित शाह को चुनौती देता हूं कि वह मंच, स्थान और समय तय कर ले, मैं उनसे बहस के लिए तैयार हूं। लेकिन उन्हें प्रदेश को, देश को गुमराह नहीं करना चाहिए। वह झूठ पर झूठ बोलते जा रहे हैं। नक्सलवाद के मामले में कांग्रेस का स्टैंड बहुत स्पष्ट रहा है। और कांग्रेस की नीति के अनुरूप हमने काम किया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से हमने वहां के आदिवासियों को संपन्न बनाया। वन अधिकार पट्टे दिए, स्कूल खोले, उनके इलाज की व्यवस्था की, उन्हें राशन कार्ड बांटे। लेकिन भाजपा की सरकार ने उन्हें इससे वंचित रखा ।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमने नक्सल मोर्चे पर दो तरीके की रणनीति अपनाई। पहली बात कि बस्तर के वासियों का विश्वास अर्जित करना और दूसरा जैसे-जैसे नक्सलवाद पीछे हटते गया, हमने विकास के काम किए। लोगो का विश्वास बढा। लोग मुख्यधारा में लौटे, नक्सलवाद पीछे हटा। छह सौ गांव हमने खाली कराया।”

बघेल ने कहा,‘‘मैं अमित शाह जी से पूछना चाहता हूं, क्योंकि उन्होंने घोषणा की थी कि जिस गांव को एक बार नक्सल-मुक्त घोषित कर दिया जाएगा, उस गांव को एक करोड़ रुपये दिए जाएंगे। अब जब नक्सलवाद खत्म हो चुका है, तो बस्तर के हर गांव को एक करोड़ रुपये कब दिए जाएंगे?’’

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा,‘‘वह लगातार झूठी बातें फैला रहे हैं। यह हमारे उन डीआरजी जवानों का अपमान है, जिन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में अपनी जान कुर्बान कर दी। हमने जितने भी विकास कार्य किए हैं, वे सभी रिकॉर्ड में दर्ज हैं। शाह को शर्म आनी चाहिए, झूठ फैलाना बंद करना चाहिए और छत्तीसगढ़ की जनता से माफी मांगनी चाहिए।’’

छत्तीसगढ़ में 2018 से 2023 तक बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार का शासन था।

साय ने कहा कि बघेल झूठ बोलकर अपनी सरकार की नाकामियों पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने कहा,‘‘भूपेश बघेल ने जो कुछ भी कहा है, वह पूरी तरह से गलत है। वह अपनी सरकार की नाकामियों को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं।’

उन्होंने दावा किया कि जब दिसंबर 2023 में छत्तीसगढ़ में भाजपा सत्ता में आई, तब केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा की गई समीक्षा में यह सामने आया कि राज्य में 75 प्रतिशत से अधिक नक्सली गतिविधियां हो रही थीं।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर पिछली सरकार ने अपने पांच साल के कार्यकाल के दौरान माओवाद से लड़ने में मजबूती और ईमानदारी दिखाई होती, तो आज हालात कुछ और होते। उस समय की राज्य सरकार ने केंद्र के साथ बिल्कुल भी सहयोग नहीं किया, और बघेल के बयान पूरी तरह से झूठे हैं।’’

भाषा संजीव राजकुमार

राजकुमार