CG Vidhan Sabha Update: विधानसभा में एक बार फिर गूंजा अवैध प्लाटिंग का मुद्दा, विधायकों के इन तीखें सवालों पर घिरे राजस्व मंत्री, विपक्ष ने किया वॉकआउट

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विधानसभा में एक बार फिर गूंजा अवैध प्लाटिंग का मुद्दा, विधायकों के इन तीखें सवालों पर घिरे राजस्व मंत्री, CG Vidhan Sabha Update Illegal Plating Tankaram Verma, Ambika Markam

  • Reported By: Rajesh Raj

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  • Publish Date - March 17, 2026 / 04:07 PM IST,
    Updated On - March 17, 2026 / 04:24 PM IST

CG Vidhan Sabha Update. Image Source- IBC24

HIGHLIGHTS
  • अवैध प्लाटिंग को लेकर विधानसभा में सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस
  • सत्ता पक्ष के विधायक अजय चंद्राकर ने भी मंत्री को घेरा
  • विपक्ष ने जांच EOW से कराने की मांग की और वॉकआउट किया

रायपुरः CG Vidhan Sabha Update: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में मंगलवार को एक बार फिर अवैध प्लाटिंग के मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच जमकर बहस हुई। प्रश्नकल के दौरान कांग्रेस की विधायक अंबिका मरकाम की ओर से उठाए गए सवाल पर न सिर्फ विपक्ष के विधायकों ने सरकार को घेरा, बल्कि अजय चंद्राकर ने भी अपने तीखे सवाल से राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा को घेर दिया। पक्ष और विपक्ष के विधायकों ने सरकार पर अवैध प्लाटिंग करने वालों को संरक्षण देने का आरोप लगाया। इसी मुद्दे पर विपक्ष के विधायकों ने सदन की कार्रवाई का बहिष्कार करते हुए सदन से वॉकआउट भी कर गए।

दरअसल, छत्तीसगढ़ विधानसभा के प्रश्नकाल के दौरान अंबिका मरकाम ने धमतरी और कांकेर जिले में हो रही अवैध प्लाटिंग का मुद्दा उठाया। उनके सवाल का जवाब देते हुए राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने बताया कि पिछले दो सालों में धमतरी में 3 और कांकेर जिले में 175 खसरो से जुड़ी अवैध प्लाटिंग की शिकायत प्राप्त हुई है। कांकेर में आठ खसरे की जांच हो चुकी है। 167 खसरे की जांच चल रही है। इस दौरान दोषी पाए जाने पर तीन पटवारी को वेतन वृद्धि रोक कर उन्हें नोटिस दिया गया है। तहसीलदार को भी नोटिस थमाया गया है। उन्होंने कहा कि इन मामलों में किसी ने शिकायत नहीं की बल्कि राजस्व अमलों को खुद जानकारी मिली और कार्रवाई की गई। यह विभाग की सक्रियता बताती है, बाकी अन्य लोगों पर कार्रवाई इसलिए नहीं की गई क्योंकि SIR की प्रक्रिया जारी है। अंबिका मरकाम के साथ भूपेश बघेल और कांग्रेस के अन्य विधायकों ने आरोप लगाया कि इस मामले में अवैध प्लाटिंग करने वालों के साथ-साथ विभाग के ऊपर स्तर के अधिकारी भी जिम्मेदार है। लिहाजा मामले की जांच ईओडब्ल्यू से कराई जाए। लेकिन मंत्री टंकराम वर्मा ने ईओडब्ल्यू से जांच कराने से इनकार किया और कहा कि राजस्व विभाग का अमला सक्षम है। मामले की जांच राजस्व विभाग से ही कराई जाएगी।

अजय चंद्राकर ने भी सरकार को घेरा (CG Vidhan Sabha Update)

CG Vidhan Sabha Update: राजस्व मंत्री के जवाब से विपक्ष संतुष्ट नहीं हुआ और तो और सत्ता पक्ष के सीनियर और तेज तर्रार विधायक अजय चंद्राकर ने भी मंत्री टंकराम वर्मा को घेर दिया। उन्होंने मंत्री से सवाल किया कि जब विभाग ने ही कार्रवाई की है तो फिर तीन पटवारियों के वेतन वृद्धि क्यों रोकी गई? उन्हें कारण बताओं नोटिस जारी क्यों किया गया? इसके अलावा उन्होंने सवाल किया कि अवैध प्लाटिंग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई? मामला 2 से 3 साल पुराना है। देश में SIR की कार्यवाही 4 महीने तक चली है। इस बीच विभाग ने उन पर कार्रवाई क्यों नहीं की? उन्होंने मंत्री से समय सीमा के भीतर कार्यवाही करने की मांग की। मंत्री टंकराम वर्मा ने समय सीमा बताने से इनकार कर दिया। इसके बाद कांग्रेस के तमाम विधायकों ने सरकार पर अवैध प्लाटिंग करने वालों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए सदन में नारेबाजी शुरू कर दी और विधानसभा की कार्यवाही का बहिष्कार करते हुए सदन से बाहर चले गए।

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अवैध प्लाटिंग क्या होती है?

बिना सरकारी अनुमति या नियमों का पालन किए जमीन को प्लॉट में बांटकर बेचना अवैध प्लाटिंग कहलाता है।

इस मामले में किन जिलों का जिक्र हुआ है?

धमतरी और कांकेर जिलों में अवैध प्लाटिंग के मामले सामने आए हैं।

सरकार ने अब तक क्या कार्रवाई की है?

कुछ पटवारियों की वेतन वृद्धि रोकी गई है और नोटिस जारी किए गए हैं, साथ ही जांच जारी है।

विपक्ष EOW जांच की मांग क्यों कर रहा है?

विपक्ष का मानना है कि बड़े अधिकारियों और प्लाटिंग माफिया की निष्पक्ष जांच के लिए स्वतंत्र एजेंसी जरूरी है।

वॉकआउट क्यों किया गया?

मंत्री के जवाब और समयसीमा न बताने से असंतुष्ट होकर विपक्ष ने सदन से वॉकआउट किया।

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