रायपुर, 28 मार्च (भाषा) छत्तीसगढ़ में अधिकारियों ने रसोई गैस की जमाखोरी की सूचना पर कार्रवाई करते हुए पिछले दो सप्ताह से अधिक समय के दौरान 3,841 एलपीजी सिलेंडरों को जब्त किया तथा इस संबंध में 97 मामले दर्ज किए। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे रसोई गैस और पेट्रोलियम उत्पादों के भंडारण व वितरण व्यवस्था की लगातार निगरानी सुनिश्चित करें तथा जमाखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।
अधिकारियों के मुताबिक साय ने पश्चिम एशिया में मौजूदा हालात को ध्यान में रखते हुए आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी संभागायुक्तों, पुलिस महानिरीक्षकों, जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।
उन्होंने बताया कि बैठक में पेट्रोलियम उत्पादों, एलपीजी सिलेंडर, उर्वरकों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता एवं आपूर्ति व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
साय ने ‘एक्स’ पर कहा, “पश्चिम एशिया की परिस्थितियों के मद्देनजर आज (शनिवार को) निवास कार्यालय में प्रदेश के उच्च अधिकारियों, आयुक्त, आईजी एवं जिलाधिकारियों के साथ पेट्रोलियम उत्पादों, एलपीजी और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता व आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा बैठक की।”
उन्होंने कहा, “छत्तीसगढ़ में आवश्यक वस्तुओं, पेट्रोलियम उत्पादों और रसोई गैस की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। आपूर्ति पूरी तरह सुचारू एवं सामान्य है और इसमें किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।”
साय ने कहा, “ अधिकारियों को रसोई गैस व पेट्रोलियम उत्पादों के भंडारण एवं आपूर्ति की सतत निगरानी और जमाखोरी व मुनाफाखोरी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।”
उन्होंने कहा, “ राज्य के प्रत्येक नागरिक तक समय पर सेवाएं पहुंचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रदेशवासियों को किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।”
मुख्यमंत्री साय ने बैठक में कहा, ”हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदृष्टि और संवेदनशील नेतृत्व के कारण कोविड-19 महामारी जैसी चुनौतीपूर्ण स्थिति में भी देश एकजुट रहा और सफलतापूर्वक उसका सामना किया। मौजूदा समय में कोविड-19 महामारी जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन सतर्क रहना जरूर है। राज्य में पेट्रोलियम पदार्थों, गैस सिलेंडरों और उर्वरकों की कोई कमी नहीं है, इसलिए नागरिक किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें।”
साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा पश्चिम एशिया संकट पर सभी राज्यों के साथ विस्तृत चर्चा की गई है और यह आश्वस्त किया गया है कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुचारू रूप से जारी है। राज्य स्तर पर नियंत्रण केंद्र की स्थापना की गई है तथा उच्चस्तरीय समिति द्वारा स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है।
उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक जिले में भी नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाए तथा प्रभारी सचिव और जिलाधिकारी नियमित रूप से इसकी समीक्षा करें। अफवाहों और भ्रामक खबरों से बचने के लिए आमजन तक समय पर तथ्यात्मक जानकारी पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री साय ने निर्देश दिया कि आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी और जमाखोरी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। सभी पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों के भंडारण और आपूर्ति की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने अधिकारियों को टीम भावना के साथ कार्य करते हुए हर परिस्थिति में आमजन तक सेवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
अधिकारियों ने बताया कि बैठक में एचपीसीएल, बीपीसीएल और आईओसीएल के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि राज्य में गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं है तथा आपूर्ति नियमित रूप से जारी है। गैस सिलेंडरों की ऑनलाइन बुकिंग सामान्य रूप से संचालित है।
अधिकारियों ने बताया कि उज्ज्वला गैस कनेक्शन के लिए 45 दिन तथा सामान्य गैस कनेक्शन के लिए 25 दिन की समय सीमा निर्धारित है और वर्तमान में उसी अंतराल के अनुसार बुकिंग की जा रही है। पेट्रोलियम उत्पादों के परिवहन में भी किसी प्रकार की बाधा नहीं है और पूरे प्रदेश में स्थिति सामान्य है।
भाषा
संजीव जितेंद्र रवि कांत