रायपुर 31 मार्च (भाषा) छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंगलवार को तीन सौ ‘बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस)’ और 70 ‘एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट (एएलएस)’ एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर राज्य के सभी जिलों के लिए रवाना किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने की दिशा में आज एक ऐतिहासिक पहल की गई तथा साय ने तीन सौ बीएलएस और 70 एएलएस एम्बुलेंस को आज हरी झंडी दिखाकर प्रदेश के सभी जिलों के लिए रवाना किया।
अधिकारियों के अनुसार इसके साथ ही एम्बुलेंस की सभी 108 सेवाएं प्रदेशभर में तत्काल प्रभाव से शुरू हो गई हैं, फलस्वरूप आपातकालीन परिस्थितियों में नागरिकों को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सहायता सुनिश्चित होगी।
उन्होंने बताया कि इस पहल के अंतर्गत पहली बार प्रदेश में पांच ‘नियोनेटल एएलएस’ एम्बुलेंस की शुरुआत की गई है, जो नवजात शिशुओं की आपातकालीन देखभाल के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगी।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं निरंतर सुदृढ़ हो रही हैं और पिछले दो वर्षों में इस क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन देखने को मिला है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता का भरोसा सरकारी अस्पतालों में लगातार बढ़ा है, जहां उन्हें समय पर उपचार मिल रहा है। उन्होंने कहा कि उप-स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण एवं उन्नयन के कारण अब लोगों को छोटे-छोटे इलाज के लिए दूर शहरों की ओर नहीं जाना पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हमारी सरकार का लक्ष्य है कि शहरी क्षेत्रों में 15 मिनट और ग्रामीण क्षेत्रों में 30 मिनट के भीतर एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध कराई जाए, जिससे हर जरूरतमंद मरीज तक समय पर स्वास्थ्य सहायता पहुंच सके।’’
उन्होंने कहा कि 108 एम्बुलेंस सेवा का यह विस्तार आम जनता के विश्वास को और सशक्त करेगा कि संकट की घड़ी में सरकार पूरी संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ उनके साथ खड़ी है।
मुख्यमंत्री ने पहली बार शुरू की गई पांच ‘नियोनेटल एएलएस’ एम्बुलेंस सेवा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह नवजात शिशुओं के जीवन की सुरक्षा के प्रति सरकार की गंभीरता और प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
अधिकारियों के मुताबिक इन एम्बुलेंसों में ‘इन्क्यूबेटर’, ‘वेंटिलेटर’, ‘डिफिब्रिलेटर, ‘सिरिंज पंप’, नेब्युलाइज़र, सक्शन मशीन, पर्याप्त ऑक्सीजन सपोर्ट तथा 41 प्रकार की आपातकालीन दवाओं सहित सभी आवश्यक जीवनरक्षक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो इन्हें “चलते-फिरते नवजात आईसीयू” के रूप में स्थापित करती हैं।
अधिकारियों के अनुसार गंभीर मरीजों के सुरक्षित स्थानांतरण के लिए एंबुलेंस में ‘पोर्टेबल वेंटिलेटर‘, ‘डिफिब्रिलेटर मॉनिटर’, ‘सिरिंज पंप‘, ‘लैरिंजोस्कोप’ एवं अन्य उन्नत उपकरण भी उपलब्ध कराए गए हैं।
अधिकारियों ने कहा कि यह समग्र पहल प्रदेश के शहरी और दूरस्थ क्षेत्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभ, त्वरित तथा प्रभावी उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए नागरिकों के लिए एक मजबूत जीवनरक्षक तंत्र के रूप में स्थापित होगी।
भाषा संजीव
राजकुमार
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