छत्तीसगढ़: जन्माष्टमी के अवसर पर शुक्रवार को शुष्क दिवस की घोषणा, मांस बिक्री पर भी रहेगा प्रतिबंध
छत्तीसगढ़: जन्माष्टमी के अवसर पर शुक्रवार को शुष्क दिवस की घोषणा, मांस बिक्री पर भी रहेगा प्रतिबंध
रायपुर, तीन सितंबर (भाषा) छत्तीसगढ़ सरकार ने जन्माष्टमी के अवसर पर चार सितंबर को ‘शुष्क दिवस’ घोषित किया है और इस दौरान शराब बेचने या परोसने वाली सभी दुकानों, बार, होटल-बार, क्लब और अन्य लाइसेंस प्राप्त प्रतिष्ठानों को बंद रखने का आदेश दिया गया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि सरकार ने इस मौके पर शहरी इलाकों में बूचड़खानों और मांस बेचने वाली दुकानों को भी बंद रखने का आदेश दिया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार रात सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा, ‘‘ भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के पावन अवसर पर चार सितंबर को संपूर्ण छत्तीसगढ़ में शुष्क दिवस घोषित किया गया है। इस दिन प्रदेश की सभी मदिरा दुकानें, बार, होटल-बार, क्लब सहित मदिरा विक्रय एवं परोसने वाले सभी लाइसेंसी प्रतिष्ठान बंद रहेंगे।’’
अवैध मदिरा के परिवहन, संग्रहण और विक्रय पर कड़ी निगरानी रखते हुए प्रभावी कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं।”
उन्होंने लिखा, ‘‘ हमारी संस्कृति और आस्था से जुड़े इस पावन पर्व को श्रद्धा, सात्विकता और सामाजिक सद्भाव के वातावरण में मनाएं। भगवान श्रीकृष्ण की कृपा से छत्तीसगढ़ में सुख, शांति और समृद्धि का विस्तार हो। जय श्रीकृष्ण।’’
एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर चार सितंबर को छत्तीसगढ़ में शुष्क दिवस घोषित करने तथा नगरीय निकाय क्षेत्रों में पशुवध गृह तथा मांस बिक्री की दुकानों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
बयान में कहा गया कि यह निर्णय स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की मांग पर मुख्यमंत्री साय ने लिया है।
अधिकारियों ने बताया कि यादव ने इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा, ‘‘ श्रीकृष्ण जन्माष्टमी केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि हमारी सनातन संस्कृति, परंपरा और आस्था का प्रतीक है। भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके संदेश से करोड़ों लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। ऐसे पावन अवसर पर जनभावनाओं का सम्मान करते हुए लिया गया यह निर्णय अभिनंदनीय है।’’
भाषा संजीव मनीषा शोभना
शोभना

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