छत्तीसगढ़ : भाजपा नेता के खेत में अफीम की खेती को लेकर विधानसभा में हंगामा

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छत्तीसगढ़ : भाजपा नेता के खेत में अफीम की खेती को लेकर विधानसभा में हंगामा

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  • Publish Date - March 9, 2026 / 07:02 PM IST,
    Updated On - March 9, 2026 / 07:02 PM IST

रायपुर, नौ मार्च (भाषा) छत्तीसगढ़ विधानसभा में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक नेता के खेत में अफीम की कथित खेती को लेकर सोमवार को हंगामा किया और साथ ही दावा किया कि उसे सत्ताधारी दल का संरक्षण मिला हुआ है।

कांग्रेस का आरोप है कि दुर्ग जिले में भाजपा के एक स्थानीय नेता के खेत में अफीम की कथित खेती की जा रही है।

जब विधानसभा अध्यक्ष ने स्थगन प्रस्ताव के जरिए इस मुद्दे पर चर्चा की मांग को नामंजूर कर दिया, तब कांग्रेस के 29 विधायक अध्यक्ष के आसन के समीप आ गए। इसके बाद कांग्रेस के विधायकों को सदन से निलंबित कर दिया गया।

हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही भी कुछ देर के लिए रोक दी गई।

शून्य काल के दौरान यह मामला उठाते हुए, विपक्ष के नेता चरण दास महंत ने आरोप लगाया कि राज्य की राजधानी रायपुर से लगभग 50 किलोमीटर दूर अफीम की खेती हो रही है।

महंत ने दावा किया कि विनायक ताम्रकार नाम का एक आदमी अवैध रूप से अफीम की खेती में शामिल था।

महंत ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता ताम्रकार का नाम प्राथमिकी में है। ताम्रकार को अब भाजपा से निलंबित कर दिया गया है।

उन्होंने दावा किया कि इस मामले में प्रशासनिक मिलीभगत लगती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार 2047 तक छत्तीसगढ़ को ‘अफीम का कटोरा’ बनाना चाहती है, जिसे देश का ‘धान का कटोरा’ कहा जाता है।

वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि जिलाधिकारी ने पहले खेत के मालिक की पहचान ताम्रकार के तौर पर की थी, लेकिन पुलिस ने उन्हें प्राथमिकी में मुख्य आरोपी नहीं बनाया।

बघेल के मुताबिक इसके बजाय पुलिस ने उस खेत में काम करने वाले राजस्थान के एक व्यक्ति को मुख्य आरोपी बनाया जबकि ताम्रकार का नाम प्राथमिकी में तीसरे नंबर पर था।

बघेल ने दावा किया कि प्राथमिकी में जमीन की सही जानकारी और संपत्ति के मालिकाना हक जैसी आवश्यक जानकारी नहीं थी।

कांग्रेस के सदस्यों ने सदन में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस देकर चर्चा की मांग की।

विधानसभा अध्यक्ष द्वारा पढ़े गए स्थगन प्रस्ताव के नोटिस के अनुसार, कांग्रेस ने दावा किया कि दुर्ग जिले के पुलगांव पुलिस थाने की सीमा के तहत समोदा गांव में शिवनाथ नदी के पास मौजूद 110 एकड़ के घेरे वाले फार्महाउस के अंदर कथित तौर पर करीब 10 एकड़ में अफीम की खेती की गई थी।

कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया कि अवैध काम को छिपाने के लिए अफीम के खेतों के आसपास मक्का और गेहूं की फसलें लगाई गई थीं।

विपक्ष ने आरोप लगाया कि आरोपी भाजपा का पदाधिकारी है और खेती में मदद के लिए राजस्थान से कुछ किसानों को लाया था।

इसने यह भी दावा किया कि फॉर्महाउस में प्रवेश रोकने के लिए सीसीटीवी लगाए गए थे और बाउंसर तैनात किए गए थे।

इस मुद्दे पर जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि दुर्ग की पुलिस को छह मार्च को एक फॉर्महाउस में गैर-कानूनी रूप से अफीम की खेती के बारे में जानकारी मिली थी।

उन्होंने कहा कि सूचना पर कार्रवाई करते हुए, पुलिस, स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी), फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल), आबकारी और राजस्व विभाग के अधिकारियों के संयुक्त दल ने जांच की।

शर्मा ने कहा कि इस मामले में तीन आरोपियों – विकास विश्नोई, मनीष ठाकुर और विनायक ताम्रकार को गिरफ्तार किया गया और उसी दिन अदालत में पेश किया गया।

उन्होंने बताया कि पुलगांव पुलिस थाने में एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

शर्मा ने कहा कि अधिकारियों ने 62,424.40 किलोग्राम वजन के अफीम के पौधे जब्त किए, जिनकी कीमत लगभग 7.8 करोड़ रुपये है।

उन्होंने कहा कि दो फरार आरोपियों का पता लगाने के लिए राजस्थान के जोधपुर में भी टीमें भेजी गई हैं।

शर्मा के जवाब के बाद, अध्यक्ष ने स्थगन प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया। कांग्रेस के नाराज सदस्यों ने नारे लगाना शुरू कर दिया और आसन के समीप आ गए, जिससे वह निलंबित हो गए।

इसके बाद अध्यक्ष ने कांग्रेस के 29 सदस्यों के निलंबन की घोषणा की, जिसके बाद वे सदन में बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारे लगाते रहे।

हंगामे के बीच, सदन को पांच मिनट के लिए स्थगित कर दिया गया।

जब कार्यवाही फिर से शुरू हुई, तो अध्यक्ष ने बाद में कांग्रेस विधायकों का निलंबन रद्द कर दिया।

गौरतलब है कि सत्ताधारी भाजपा ने सात मार्च को मामला सामने आने के बाद ताम्रकार को पार्टी से निलंबित कर दिया था।

भाषा

संजीव रवि कांत