रायपुरः Electricity Bill Payment Solution Scheme छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान सुशासन, विकास और जनकल्याण को केंद्र में रखते हुए कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। साय सरकार का कार्यकाल न केवल प्रशासनिक सुधारों के लिए जाना जा रहा है, बल्कि किसानों, युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए भी सराहा जा रहा है। साय सरकार ने प्रदेश के आम नागरिकों को राहत देने के लिए कई योजनाएं शुरू की है। छत्तीसगढ़ में एक बड़ी समस्या के रूप में बिजली सरचार्ज के भुगतान को देखी जा रही थी। साय सरकार ने इसका भी समाधान निकाला और मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 का शुभारंभ किया।
Electricity Bill Payment Solution Scheme आज हमारी मूलभूत जरूरतों में शामिल हो चुकी है और इसके बिना जीवन की कल्पना संभव नहीं है। कई परिवार आर्थिक कारणों से समय पर बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाते, जिससे सरचार्ज के कारण बकाया राशि बढ़ जाती है और पूरा भुगतान करना कठिन हो जाता है। उपभोक्ताओं की इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने समाधान योजना शुरू की है, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिलेगी। समाधान योजना के माध्यम से लंबे समय से बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाने वाले प्रदेश के निम्न एवं मध्यम आय वर्ग तथा कृषि उपभोक्ताओं को राहत देने की पहल की गई है। योजना के तहत प्रदेश के 28 लाख 42 हजार उपभोक्ताओं को कुल 757 करोड़ रुपए की राहत दी जाएगी।
उल्लेखनीय है कि योजना के अंतर्गत उपभोक्ताओं की तीन श्रेणियां निर्धारित की गई हैं, जिनमें 31 मार्च 2023 की स्थिति में निष्क्रिय उपभोक्ता, सक्रिय एकल बत्ती कनेक्शनधारी उपभोक्ता तथा सक्रिय अशासकीय घरेलू एवं अशासकीय कृषि उपभोक्ता शामिल हैं। इन श्रेणियों के उपभोक्ताओं को विद्युत देयक जमा करने के लिए प्रोत्साहन के रूप में अधिभार की राशि में 100 प्रतिशत छूट तथा मूल बकाया राशि में 75 प्रतिशत तक छूट का प्रावधान किया गया है। योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ताओं को पंजीयन कराना होगा और पंजीयन के समय बकाया राशि का न्यूनतम 10 प्रतिशत भुगतान करना अनिवार्य होगा। शेष राशि का भुगतान किस्तों में किया जा सकेगा और आगामी माह में कोई अधिभार नहीं लगेगा। यह योजना 30 जून 2026 तक प्रभावशील रहेगी।
Electricity Bill Payment Solution Scheme मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना 2026 का उद्देश्य ऐसे घरेलू उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करना है, जो विभिन्न कारणों से समय पर बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाए थे। योजना के माध्यम से ब्याज एवं सरचार्ज में छूट देकर उपभोक्ताओं को राहत दी जा रही है, जिससे न केवल बकाया राशि की वसूली हो रही है, बल्कि आमजन के घरों में विद्युत आपूर्ति भी सुचारू बनी हुई है।
इच्छुक उपभोक्ता ’मोर बिजली ऐप’ के माध्यम से स्वयं का पंजीयन कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, जो उपभोक्ता डिजिटल माध्यम का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं, वे सीधे विभागीय कार्यालय में आकर भी अपना पंजीयन करा सकते हैं और योजना का लाभ उठा सकते हैं। छत्तीसगढ़ शासन की यह पहल सुशासन एवं अंत्योदय के संकल्प को साकार करते हुए प्रदेश के हजारों परिवारों को राहत प्रदान कर रही है। जिससे सुनीता की तरह अब बिजली उपभोक्ताओं को बकाया बिल से मुक्ति मिलेगी।
इस योजना का सीधा असर ग्रामीण इलाके के हितग्राहियों को मिल रहा है। हितग्राही सुनीता ने बताया कि उनके घर का बिजली बिल बढ़ते-बढ़ते 19,970 रुपए तक पहुंच गया था। सीमित आय और ग्रामीण परिवेश के कारण इतनी बड़ी राशि एकमुश्त जमा करना उनके लिए संभव नहीं था। मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के तहत उनके प्रकरण का त्वरित निराकरण किया गया और उन्हें लगभग 75 प्रतिशत की विशेष छूट प्रदान की गई, जिससे उन्होंने मात्र 6,200 रुपए जमा कर अपना बकाया बिल चुकता कर लिया। सुनीता ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि बढ़ते बिजली बिल को लेकर वे लगातार चिंतित रहती थीं और बिजली कटने का भय भी बना रहता था। योजना के माध्यम से मिली छूट ने उनकी चिंता को दूर कर दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना से उन्हें बड़ी राहत मिली है और अब वे निश्चिंत महसूस कर रही हैं।