बिलासपुर (हिमाचल प्रदेश), नौ फरवरी (भाषा) हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में सोमवार को एक परिवार ने एक प्रसिद्ध कंपनी द्वारा निर्मित चॉकलेट के भीतर अंडों के साथ एक जिंदा कीड़ा मिलने का दावा किया है।
खाद्य सुरक्षा विभाग के सहायक आयुक्त महेश कश्यप ने कहा कि यदि यह शिकायत सही पाई जाती है, तो वह मामले की गहन जांच करेंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन ऐसी वस्तुओं को नहीं बिकने देगा और गड़बड़ी पाए जाने पर आपूर्तिकर्ताओं तथा निर्माताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
परिवार ने दावा किया कि चॉकलेट के पैकेट पर इऐ खाने के लिए आखिरी तिथि मई 2026 अंकित थी और उस पर एक कोड नंबर भी दर्ज था। परिवार ने कहा कि वे इस मामले को लेकर कंपनी के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।
बिलासपुर सदर क्षेत्र के मंडी मनवा गांव निवासी रमेश चंद कौंडल ने दावा किया कि उन्होंने स्थानीय बाजार से पांच रुपये की एक चॉकलेट खरीदी थी। उन्होंने बताया कि अपने बेटे शिवा को देने के लिए जब उन्होंने रैपर खोला, तो चॉकलेट के भीतर कथित तौर पर एक जिंदा कीड़ा मिला, जिसने वहां अंडे भी दिए हुए थे।
कौंडल ने कहा कि बच्चे के चॉकलेट खाने से पहले ही उनकी नजर उस पर पड़ गई। उन्होंने आशंका जताई कि अगर बच्चा इसे खा लेता, तो उसकी जान को खतरा हो सकता था।
उन्होंने कहा कि पैकेट पर उसके उपयोग की समाप्ति तिथि मई 2026 अंकित होने के बावजूद इसमें इस तरह की गंदगी मिलना कंपनी के गुणवत्ता नियंत्रण पर गंभीर सवाल उठाता है।
कौंडल ने कहा कि उन्होंने उस चॉकलेट को सुरक्षित रख लिया है और अब वे कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे।
भाषा प्रचेता वैभव
वैभव