महासमुंद, तीन अगस्त (भाषा) छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में रविवार देर रात सरकारी बाल संप्रेक्षण गृह से आठ लड़के फारार हो गए, जिसके बाद पुलिस ने तलाश अभियान शुरू किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि ये लड़के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित बाल संप्रेक्षण गृह से देर रात तीन बजे के बाद फरार हो गए। उन्होंने बताया कि पुलिस गश्ती दल ने देर रात दो से ढाई बजे के बीच परिसर का दौरा किया था और उस समय सब कुछ सामान्य पाया गया था।
केंद्र की अधीक्षक अपर्णा श्रीवास्तव ने आशंका जताई कि लड़के देर रात तीन बजे के बाद भागे। उन्होंने बताया कि 14 से 17 साल की उम्र के आठ लड़के अलग-अलग जगहों से हैं, जिनमें महासमुंद जिले के सरायपाली और पड़ोसी राज्य ओडिशा के कालाहांडी से दो-दो, जबकि महासमुंद शहर, गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर, बलौदाबाजार-भाटापारा जिले और धमतरी जिले के कुरुद से एक-एक लड़के शामिल हैं।
श्रीवास्तव के मुताबिक, भागने वाले लड़कों में से तीन पर आबकारी अधिनियम के तहत मामले दर्ज हैं, जबकि दो अन्य चोरी के मामले में, दो बलात्कार के मामले में और एक मादक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम से जुड़े मामले में आरोपी है।
श्रीवास्तव के अनुसार, घटना के समय संप्रक्षेण गृह में 27 लड़के मौजूद थे, जबकि रात की ड्यूटी पर दो कर्मचारी (एक चौकीदार और एक ‘हाउस फादर’ यानी निरीक्षक) तैनात थे।
उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि ये लड़के खिड़की की सलाखों के रास्ते भाग गए।
श्रीवास्तव ने बताया कि घटना की सूचना सिटी कोतवाली पुलिस और साइबर प्रकोष्ठ को दी गई, जिनकी टीमों ने फरार लड़कों का पता लगाने के लिए तलाश अभियान शुरू कर दिया है और संभावित ठिकानों पर छापे मार रहे हैं।
यह घटना बिलासपुर जिले के एक संप्रेक्षण गृह से 13 जुलाई को चार लड़कों के भागने के कुछ हफ्ते बाद हुई है। भागने से पहले इन लड़कों ने 40 वर्षीय चौकीदार की कथित तौर पर गला घोंटकर हत्या कर दी थी।
बाल संप्रेक्षण गृह किशोर न्याय अधिनियम के तहत एक सुरक्षित रिहायशी केंद्र है। यह उन अपराधियों के लिए है, जो अपराध के समय नाबालिग थे और 18 साल के होने के बाद भी हिरासत में हैं।
इससे पहले, 23 जून को भी सरगुजा जिले के एक सरकारी संप्रेक्षण गृह से 11 नाबालिग भाग गए थे। उन्होंने भारी बारिश और बिजली आपूर्ति ठप होने का फायदा उठाया था।
भाषा
सं संजीव रंजन पारुल
पारुल