Home » Chhattisgarh » Three Wanted Naxalites Surrender in Chhattisgarh’s Gariaband, Influenced by Police Appeal and Rehab Policy
Naxalites Surrender in Chhattisgarh: हिंसा और हिकारत छोड़कर 3 नक्सलियों ने किया सरेंडर.. सभी DGN डिवीजन और ओडिशा स्टेट कमेटी के एक्टिव मेंबर..
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आत्मसमर्पण करने वालों में पहला नाम नागेश उर्फ रामा कवासी का है, जो बीजापुर जिले के तर्रेम गांव का रहने वाला है। वह वर्ष 2022 में माओवादी संगठन से जुड़ा था और मेटाल मुठभेड़ सहित कई हिंसक घटनाओं में सक्रिय भूमिका निभा चुका है।
Naxalites Surrender in Chhattisgarh: गरियाबंद: छत्तीसगढ़ में माओवादियों के खिलाफ पुलिस और सुरक्षाबलों का प्रहार जारी है। एक तरफ जहाँ हरदिन मुठभेड़ में हथियारबंद नक्सलियों को ढेर किया जा रहा है, गिरफ्तारियां हो रही है तो दूसरी तरफ ऐसे नक्सली भी है जिनपर सरकार की अपील का असर होता दिख रहा है। ऐसे नक्सली संगठन छोड़कर जंगलों से बाहर आ रहे है और पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करते हुए समाज की मुख्यधारा में शामिल होने की इच्छा प्रकट कर रहे है।
Naxalites Surrender in Chhattisgarh: बहरहाल इस बीच गरियाबंद पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। जानकारी के मुताबिक यहाँ पुलिस के सामने तीन दुर्दांत नक्सलियों ने सरेंडर किया है। जिन नक्सलियों ने पुलिस के सामने हथियार डाले है वे सभी डीजीएन डिवीजन और ओडिसा स्टेट कमेटी से जुड़े हुए थे। सभी पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। जानकारी के मुताबिक ये नक्सली मेटाल मुठभेड़ समेत कई बड़ी वारदातों में शामिल रहे थे। उन्होंने गरियाबंद पुलिस के समर्पण अपील और शासन की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर हिंसा का रास्ता छोड़ने का फैसला लिया। सरेंडर करने वाले 3 नक्सलियों में 2 महिला हैं।
इन नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण
आत्मसमर्पण करने वालों में पहला नाम नागेश उर्फ रामा कवासी का है, जो बीजापुर जिले के तर्रेम गांव का रहने वाला है। वह वर्ष 2022 में माओवादी संगठन से जुड़ा था और मेटाल मुठभेड़ सहित कई हिंसक घटनाओं में सक्रिय भूमिका निभा चुका है। संगठन में उसे डमरू डिवीजन कमेटी के गार्ड के रूप में नियुक्त किया गया था।
दूसरी नक्सली जैनी उर्फ देवे मडकम है, जो इतगुडेम गांव की निवासी है। उसने 2016 में जनमिलिशिया के तौर पर संगठन में अपनी गतिविधियों की शुरुआत की और 2017 में पूर्णकालिक सदस्य बन गई। वह ओडिशा स्टेट कमेटी के सदस्य प्रमोद उर्फ पाण्डु की निजी गार्ड रही है और ओडिशा तथा छत्तीसगढ़ दोनों राज्यों में कई मुठभेड़ों में शामिल रही है।
तीसरी नक्सली मनीला उर्फ सुंदरी कवासी, बीजापुर जिले के जैगूर गांव की रहने वाली है। वह 2020 में संगठन से जुड़ी और शुरुआत में कृषि कार्यों से संबंधित जिम्मेदारी निभाई। इसके बाद वह सीसी-चलपति उर्फ जयराम की गार्ड रही और सीनापाली एरिया कमेटी में सक्रिय रही। इस दौरान वह भी कई मुठभेड़ों में शामिल रही।