Brother Have Sex With Sister: 'सगी बहन से सेक्स करते हैं मेरे पति, मुझे दिखाता है लाइव' महिला कर्मचारी की बातें सुनकर उड़ जाएंगे होश / Image: AI Generated
भोपाल: Brother Have Sex With Sister भोपाल में राष्ट्रीय महिला आयोग की जनसुनवाई में आज कई महिलाओं की अनसुनी पीड़ा सामने आई। किसी ने पति पर गंभीर आरोप लगाए तो किसी ने पीछा करने की शिकायत की। वहीं एक सरकारी महिला कर्मचारी ने अपने ही वरिष्ठ अधिकारी पर प्रताड़ना का आरोप लगाया, लेकिन हैरानी की बात ये है कि कई मामलों में शिकायत के बाद भी अब तक कार्रवाई नहीं हुई।
Brother Have Sex With Sister दरअसल, भोपाल में राष्ट्रीय महिला आयोग की जनसुनवाई हुई। इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर भोपाल पहुंचीं। जनसुनवाई के दौरान महिलाओं से जुड़े कई गंभीर मामले सामने आए। एक महिला ने आयोग के सामने आरोप लगाया कि उसका पति अपनी ही सगी बहन को घर में रखता है और उससे संबंध बनाता है। महिला का कहना है कि उसने इस मामले की शिकायत परिवार और पुलिस से भी की। लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई और पुलिस ने उसकी रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की।
इसी तरह एक और महिला सरकारी कर्मचारी ने भी आयोग के सामने अपनी शिकायत रखी। महिला का आरोप है कि उसका वरिष्ठ अधिकारी लंबे समय से उसे मानसिक रूप से परेशान कर रहा है उसमें मन में आत्महत्या के ख्याल आने लगे हैं। उसने कई बार विभाग में शिकायत की, लेकिन अब तक उस अधिकारी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। ऐसी एक नहीं दर्जनों शिकायतकर्ता महिलाएं आज आई जिनमें से कोई घरेलू हिंसा का शिकार है तो किसी का सालों से शोषण हो रहा और ये न्याय के लिए दर दर भटक रही हैं।
आपको बता दें कि मध्यप्रदेश में पिछले कई सालों से राज्य महिला आयोग के पद खाली पड़े हैं, जिसके चलते महिलाओं से जुड़ी 30 हजार से ज्यादा शिकायतें और फाइलें लंबित हैं। जब इस मुद्दे पर राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष का ध्यान दिलाया गया तो उन्होंने कहा कि इस विषय पर चर्चा की जाएगी। जल्द ही निराकरण निकलेगा
अब सवाल ये है कि एक दिन के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष भोपाल आईं, करीब 50 मामलों की सुनवाई की और कार्रवाई का भरोसा दिया। लेकिन उन हजारों फाइलों का क्या, जो सालों से प्रदेश के राज्य महिला आयोग के दफ्तरों में धूल खा रही हैं? उन महिलाओं का क्या, जो वर्षों से न्याय की आस में दर-दर भटक रही हैं। अब देखना होगा कि इन लंबित मामलों को लेकर आगे क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं, अब नजर इस बात पर रहेगी कि इन लंबित मामलों को कब और कैसे सुनवाई मिलती है। क्योंकि न्याय तभी मायने रखता है जब वह समय पर और हर पीड़ित तक न्याय पहुंचे।