बिलासपुर (हिमाचल प्रदेश), 27 फरवरी (भाषा) बिलासपुर जिले में वन विभाग की टीम द्वारा रोके जाने पर खैर तस्करों के एक समूह ने उन पर हमला करने की कोशिश की। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
यह घटना बृहस्पतिवार रात को घटी जब खैर माफिया गिरोह के तीन सदस्यों – अजय कुमार (बल्लू), मनीष कुमार (दाडियाना) और मुकेश कुमार (डाली), जो सभी बिलासपुर जिले के निवासी हैं – को वन विभाग के एक दल ने रोका। तस्करों ने कथित तौर पर अपने कर्तव्यों का पालन कर रहे वनकर्मियों और अधिकारियों को वाहन से कुचलने का प्रयास किया।
बिलासपुर सदर वन विभाग के दल को पहले ही सूचना मिली थी कि झालेदा कुड्डी क्षेत्र के जंगलों से खैर की लकड़ी, जिसे ‘सफेद सोना’ भी कहा जाता है, की चोरी हो रही है, जिसके बाद एक जाल बिछाया गया था।
वन अधिकारियों ने बताया कि अंधेरे का फायदा उठाते हुए तस्कर सामान को पिकअप ट्रक में भरकर भागने की कोशिश कर रहे थे।
उन्होंने आगे बताया कि जैसे ही टीम ने संदिग्ध पिकअप ट्रक को रुकने का इशारा किया, चालक ने रुकने के बजाय वाहन की गति बढ़ा दी।
अधिकारियों के अनुसार, उस समय एक खतरनाक स्थिति बन गयी जब तस्करों ने घटनास्थल पर मौजूद रेंज अधिकारी सहित पांच कर्मियों को गाड़ी से कुचलने का प्रयास किया। विभाग के कर्मचारियों ने सतर्कता बरतते हुए अपनी जान बचाई, तुरंत तस्करों के वाहन का पीछा करना शुरू किया और अंततः मंडी भरारी में उनके वाहन को रोक लिया।
उन्होंने बताया कि वाहन से खैर की लकड़ी के लगभग 50 बड़े लट्ठे बरामद किए गए और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
इस अभियान को अंजाम देने वाली टीम में ब्लॉक अधिकारी सुरेंद्र और वन रक्षक जितेंद्र, रजनीश और अंकेश शामिल थे।
रेंज अधिकारी नरेंद्र सिंह ने पुष्टि की कि पुलिस ने आरोपी के खिलाफ वन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत और हत्या के प्रयास के लिए मामला दर्ज किया है। वाहन को जब्त कर लिया गया है और पुलिस खैर के पेड़ों की कटाई की जांच कर रही है।
भाषा
प्रशांत माधव
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