रायपुर: नवरात्रि पर्व का आज से प्रारंभ हो गया है। वहीं, दूसरी ओर देश के वैज्ञानिक और केंद्र सरकार की ओर से कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए त्योहार मनाया जाए, ताकि कोरोना की तीसरी लहर देश में न आए। इसी कड़ी में रायपुर जिला प्रशासन ने राजधानी में रास गरबा के लिए गाइडलाइन जारी की है।
जिला प्रशासन की ओर से जारी निर्देश के अनुसार आयोजकों को गरबा में केवल 50 प्रतिशत लोगों को बुलाने की होगी अनुमति। रास गरबा के लिए रात 10 बजे तक के लिए अनुमति होगी। गरबा कार्यक्रम के दौरान कोविड गाइडलाइन का पालन करना अनिवार्य होगा, साथ ही गरबा में शामिल होने वाले हर शख्स का रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होगा। वहीं, वैक्सीन की दोनों डोज लेने वाले ही गरबा में शामिल हो सकेंगे। आयोजकों को पार्किंग की उचित व्यवस्था करनी होगी, सड़क जाम होने की स्थिति में आयोजनकर्ता के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
आयोजन में स्थल की क्षमता का 50 प्रतिशत अथवा 200 व्यक्ति जो भी कम हो व सम्मिलित होने की अनुमति होगी।
कार्यक्रम का आयोजन रात्रि 10.00 बजे तक ही किया जावे।
आयोजन स्थल पर प्रवेश एवं निकासी द्वार पृथक-पृथक रखी जावे, जो टच फ्री मोड अवस्था में हो, तथा आयोजन स्थल को दिन में कम से कम 02 बार सेनेटाईज्ड किया जावे।
आयोजन में सम्मिलित होने वाले समस्त व्यक्तियों का थर्मल स्कीनिंग कराया जाना, मास्क पहनना, समय-समय पर हैण्ड सेनेटाइजर का उपयोग करना, फिजिकल डिस्टेंशिंग तथा सोशल डिस्टेंशिंग अर्थात व्यक्तियों मध्य कम से कम दो मीटर / 06 फीट दूरी रखना अनिवार्य होगा।
आयोजन में सम्मिलित होने वाले व्यक्तियों के संदर्भ में रजिस्टर रखना अनिवार्य होगा, ताकि भविष्य में यदि कोई व्यक्ति संकमित पाया जाता है, तो उसका आसानी से कांटेक्ट ट्रेसिंग किया जा सके।
आयोजन करने वाले व्यक्ति द्वारा सैनेटाइजर थर्मल स्कीनिंग, आक्सीमीटर हैंडवाश एवं क्यू मैनेजमेंट सिस्टम की व्यवस्था की जायेगी।
थर्मल स्क्रिनिंग में बुखार पाये जाने अथवा कोरोना से संबंधित कोई भी सामान्य या विशेष लक्षण पाये जाने पर आयोजन स्थल में सम्मिलित प्रवेश नहीं देने की जिम्मेदारी आयोजक की होगी।
आयोजन में सम्मिलित होने वाले समस्त व्यक्तियों को कोविड वैक्सिन का दोनों डोज लगा हुआ होना अनिवार्य होगा।
कार्यक्रम में सम्मिलित होने वाले समस्त व्यक्तियों को भारत सरकार / राज्य शासन एवं जिला प्रशासन द्वारा कोरोना वायरस के नियंत्रण एवं रोकथाम हेतु जारी समस्त निर्देशों का पालन किया जाना होगा।
आयोजन में ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग माननीय सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा जारी मार्गदर्शी निर्देश के अनुरूप किया जावे।
आयोजन के दौरान किसी प्रकार के दुर्घटना से बचने के लिए अग्निशमन, प्राथमिक उपचार सामग्री उपलब्ध हो सुनिश्चित किया जाये।