HIGHLIGHTS
- लोरमी में 7 साल की बच्ची के अपहरण पर कांग्रेस ने "बेटी बचाओ न्याय यात्रा" निकाली।
- पुलिस कार्रवाई में धीमी प्रगति पर नाराज़ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने थाने का घेराव किया।
- थाना घेराव के दौरान कांग्रेसियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की, कई घायल।
लोरमी: Lormi Child Kidnapping: मुंगेली जिले के लोरमी में 7 वर्षीय बच्ची के अपहरण मामले को लेकर अब सियासत गर्म हो गई है। इस मामले को लेकर कांग्रेस ने आज “बेटी बचाओ न्याय यात्रा” निकाली। इस दौरान कांग्रेसियों ने अपहृत बच्ची के गांव कोसाबाड़ी से लेकर लोरमी तक पदयात्रा निकाली। उसके बाद लोरमी थाने का घेराव किया। इस कार्यक्रम में पीसीसी चीफ दीपक बैज भी शामिल हुए। इस दौरान पुलिस से कांग्रेसियों की जमकर झूमाझटकी और बवाल भी देखने को मिला।
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Lormi Child Kidnapping: दरअसल, मुंगेली जिले के 11 अप्रैल की रात करीब 2 बजे लोरमी थाना क्षेत्र के कोसाबाड़ी गांव में 7 साल की बच्ची का अपहरण किया गया था। मामले में अभी तक पुलिस के हाथ खाली है। इसी मामले को लेकर कांग्रेस ने न्याय यात्रा निकाली। कांग्रेस की इस पदयात्रा में महिला कांग्रेस युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के सैकड़ो की संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे। इस दौरान कांग्रेसियों ने लोरमी पहुंचकर थाने का घेराव भी किया। थाना घेराव के दौरान कांग्रेसियों और पुलिस के बीच जमकर धक्का मुक्की भी देखने को मिली। जिसमें कई कांग्रेसियों के हाथों में चोट भी आई।
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इस दौरान मीडिया से बात करते हुए पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि हम लोग बेटी बचाओ न्याय यात्रा के जरिए उस बच्ची के न्याय और हक की लड़ाई के लिए निकले हैं। जिस तरह से पूरे प्रदेश में बच्चियों के साथ घटनाएं घट रही है।वो बेहद चिंताजनक है। अब देखना होगा कि बच्ची अपहरणकांड की गुत्थी आखिर कब तक सुलझती है?
लोरमी अपहरणकांड में 7 साल की बच्ची का अब तक क्या सुराग मिला है?
अब तक बच्ची के अपहरण के मामले में कोई ठोस सुराग पुलिस को नहीं मिला है, और जांच जारी है।
'बेटी बचाओ न्याय यात्रा' क्या है और इसका मकसद क्या है?
'बेटी बचाओ न्याय यात्रा' कांग्रेस द्वारा निकाली गई एक पदयात्रा है जिसका मकसद अपहृत बच्ची को न्याय दिलाना और प्रशासन की निष्क्रियता के खिलाफ आवाज उठाना है।
कांग्रेस इस अपहरणकांड को लेकर क्या मांग कर रही है?
कांग्रेस त्वरित कार्रवाई और बच्ची की जल्द बरामदगी की मांग कर रही है। साथ ही पूरे प्रदेश में बच्चियों की सुरक्षा को लेकर सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की जा रही है।
क्या 'बेटी बचाओ न्याय यात्रा' के दौरान किसी तरह की झड़प हुई?
जी हां, लोरमी थाने के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की और झूमाझटकी हुई, जिसमें कुछ कार्यकर्ता घायल भी हुए।
लोरमी अपहरणकांड में अब तक क्या कार्रवाई हुई है?
पुलिस मामले की जांच कर रही है, लेकिन अब तक कोई गिरफ्तारी या ठोस उपलब्धि सामने नहीं आई है, जिससे नाराज़गी और विरोध बढ़ता जा रहा है।