रायपुरः छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण का मुद्दा गर्माता जा रहा है। प्रदेश में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वालों पर अब रासुका के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में गजट नोटिफिकेशन जारी हो चुका है। राज्य सरकार के अनुसार उसे ऐसे इनपुट मिले हैं, कि बस्तर में धर्मांतरण के नाम पर जो हिंसा भड़की है, वह साजिश के तहत की गई थी। इसके साथ ही कांग्रेस ने बीजेपी पर सवालों की बौछार की है।
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छत्तीसगढ़ के बस्तर से उठी धर्मांतरण की आंच राजधानी रायपुर तक महसूस की जा रही है। एक ओर बीजेपी कांग्रेस पर धर्मांतरण को बढ़ावा देने का आरोप लगा रही है, तो वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस ने बीजेपी पर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का आरोप मढ़ दिया।बीजेपी के नेता इस मुद्दे पर पहले से ही मुखर हैं और हर कांग्रेस की मंशा पर सवाल उठा रहे हैं।
बीजेपी के आरोपों पर कांग्रेस ने भी करारा जवाब दिया है। सीएम भूपेश बघेल ने पूछा कि केंद्र में बीजेपी बहुमत में है फिर भी इस पर कानून क्यों नहीं ला रही है। इस बीच छत्तीसगढ़ में गजट का प्रकाशन किया गया है, जिसके तहत सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वालों पर अब रासुका के तहत कार्रवाई की जाएगी।
इस साल छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव होने हैं लिहाजा, ये एक बड़ा सियासी मुद्दा बन गया है। राजनीतिक चाणक्यों की मानें तो धर्मांतरण का मुद्दा धर्म से ज्यादा सियासत से जुड़ा है। कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही पार्टी के नेता धर्मांतरण के मुद्दे पर अपना वोट बैंक मजबूत करने की कोशिश में हैं। लेकिन उनकी ये कवायद क्या रंग लाएगी ये तो वक्त ही बताएगा।