लाल भाजी की लड़ाई.. ‘भाभी जी’ पर आई! आखिर सियासत की हर लड़ाई भूपेश VS रमन पर आकर क्यों सिमट रही है?
आखिर सियासत की हर लड़ाई भूपेश VS रमन पर आकर क्यों सिमट रही है? Now politics is being played on Jimmy Kanda in Chhattisgarh
रायपुरः छत्तीसगढ़वाद की लड़ाई एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। इस बार हमले नितांत निजी होते जा रहे हैं। जिमीकांदा और लाल भाजी के बहाने पूर्व सीएम रमन सिंह की धर्मपत्नी को बाहरी करार दिया गया। सवाल है कि छत्तीसगढ़ की सियासत में तिल का ताड़ क्यों बनने लगा है और सियासत की हर लड़ाई भूपेश VS रमन पर आकर क्यों सिमट रही है?
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छत्तीसगढ़ में अब जिमीकांदा पर सियासत हो रही है और राजनीति पर लाल भाजी का रंग चढ़ गया है। पूर्व सीएम रमन सिंह ने बिलासपुर में किसान रामफल धीवर के घर जिमीकांदा और लाल भाजी खाकर फोटो ट्वीट किया तो कांग्रेस ने इस पर पॉलिटिक्स शुरू कर दी। कैबिनेट मंत्री कवासी लखमा ने कहा कि रमन सिंह हमारे मुख्यमंत्री से सीख रहे हैं। वहीं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसे छत्तीसगढ़वाद से जोड़ दिया। उन्होंने कहा कि रमन सिंह का ससुराल मध्यप्रदेश में है। छत्तीसगढ़िया खाना बनाना भाभीजी को नहीं आता है। लिहाजा वो बाहर जाकर खा रहे हैं।
लाल भाजी की लड़ाई, भाभी जी तक आई तो रमन सिंह तिलमिलाए गए। उन्होंने पूछा कि क्या भूपेश बघेल ने इस पर पेटेंट करा लिया है। बहरहाल, छत्तीसगढ़ की सियासत में जिमीकांदा और लाल भाजी छत्तीसगढ़िया प्रतीक के तौर पर एंट्री कर रही है और ये लड़ाई भूपेश बनाम रमन पर आकर टिक गई है। लेकिन इस बार निजी हमला होने की वजह से आने वाले दिनों में तल्ख बयानबाजी सुनने को मिल सकती है।

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