लाल भाजी की लड़ाई.. ‘भाभी जी’ पर आई! आखिर सियासत की हर लड़ाई भूपेश VS रमन पर आकर क्यों सिमट रही है?

आखिर सियासत की हर लड़ाई भूपेश VS रमन पर आकर क्यों सिमट रही है? Now politics is being played on Jimmy Kanda in Chhattisgarh

लाल भाजी की लड़ाई.. ‘भाभी जी’ पर आई! आखिर सियासत की हर लड़ाई भूपेश VS रमन पर आकर क्यों सिमट रही है?
Modified Date: December 24, 2022 / 12:13 am IST
Published Date: December 24, 2022 12:13 am IST

रायपुरः छत्तीसगढ़वाद की लड़ाई एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। इस बार हमले नितांत निजी होते जा रहे हैं। जिमीकांदा और लाल भाजी के बहाने पूर्व सीएम रमन सिंह की धर्मपत्नी को बाहरी करार दिया गया। सवाल है कि छत्तीसगढ़ की सियासत में तिल का ताड़ क्यों बनने लगा है और सियासत की हर लड़ाई भूपेश VS रमन पर आकर क्यों सिमट रही है?

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छत्तीसगढ़ में अब जिमीकांदा पर सियासत हो रही है और राजनीति पर लाल भाजी का रंग चढ़ गया है। पूर्व सीएम रमन सिंह ने बिलासपुर में किसान रामफल धीवर के घर जिमीकांदा और लाल भाजी खाकर फोटो ट्वीट किया तो कांग्रेस ने इस पर पॉलिटिक्स शुरू कर दी। कैबिनेट मंत्री कवासी लखमा ने कहा कि रमन सिंह हमारे मुख्यमंत्री से सीख रहे हैं। वहीं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसे छत्तीसगढ़वाद से जोड़ दिया। उन्होंने कहा कि रमन सिंह का ससुराल मध्यप्रदेश में है। छत्तीसगढ़िया खाना बनाना भाभीजी को नहीं आता है। लिहाजा वो बाहर जाकर खा रहे हैं।

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लाल भाजी की लड़ाई, भाभी जी तक आई तो रमन सिंह तिलमिलाए गए। उन्होंने पूछा कि क्या भूपेश बघेल ने इस पर पेटेंट करा लिया है। बहरहाल, छत्तीसगढ़ की सियासत में जिमीकांदा और लाल भाजी छत्तीसगढ़िया प्रतीक के तौर पर एंट्री कर रही है और ये लड़ाई भूपेश बनाम रमन पर आकर टिक गई है। लेकिन इस बार निजी हमला होने की वजह से आने वाले दिनों में तल्ख बयानबाजी सुनने को मिल सकती है।

 


लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।