छत्तीसगढ़ में आसान हुआ छोटे अस्पताल या क्लिनिक खोलना, सरल की कई प्रक्रिया

Opening small hospital or clinic becomes easy in Chhattisgarh: अब डॉक्टर सिर्फ एक स्वयं का घोषणा पत्र देंगे कि वो नर्सिंग होम एक्ट के सभी नियम और मापदंडों का पालन करेंगे, और अपना अस्पताल या क्लिनिक शुरू कर लेंगे।

छत्तीसगढ़ में आसान हुआ छोटे अस्पताल या क्लिनिक खोलना, सरल की कई प्रक्रिया

Opening small hospital or clinic becomes easy in Chhattisgarh

Modified Date: October 12, 2023 / 08:53 pm IST
Published Date: October 12, 2023 8:52 pm IST

Opening small hospital or clinic becomes easy in Chhattisgarh: रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक से तीन बिस्तरों वाले अस्पताल या क्लिनिक खोलने का रास्ता बेहद आसान कर दिया गया है। नर्सिंग होम एक्ट की जटिल फॉर्मिलिटी को खत्म कर सिर्फ एक सेल्फ डिक्लरेशन के आधार पर अस्पताल खोलने का नियम बना दिया गया है। यानी अब डॉक्टर सिर्फ एक स्वयं का घोषणा पत्र देंगे कि वो नर्सिंग होम एक्ट के सभी नियम और मापदंडों का पालन करेंगे, और अपना अस्पताल या क्लिनिक शुरू कर लेंगे।

ऐसे छोटे छोटे अस्पतालों में से सिर्फ 10 फीसदी क्लिनिक का परीक्षण स्वास्थ विभाग करेगा और अगर कोई त्रुटि पाई जाती है तो उन्हें एक महीने के भीतर सुधारने का मौका दिया जाएगा। लंबे समय से नर्सिंग होम एक्ट के तहत अस्पताल या क्लिनिक रजिस्ट्रेशन के लिए बेहद जटिल प्रक्रिया के खिलाफ लड़ रहे निजी डॉक्टरों के संगठन ने इस नए कानून को लेकर आभार जताया है।

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एएचपीआई, यानी एसोसिएशन ऑफ हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स इंडिया के छत्तीसगढ़ चैप्टर के अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता ने कहा कि प्रदेश के दूर दराज के इलाकों में छोटे छोटे अस्पताल या क्लिनिक खुलना अब बेहद आसान हो जाएगा, क्योंकि प्रक्रिया बेहद सरल हो गई है। हालांकि, इन्हें भी निर्सिंग होम एक्ट के सभी मापदंड मानने होंगे।

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लेखक के बारे में

डॉ.अनिल शुक्ला, 2019 से CG-MP के प्रतिष्ठित न्यूज चैनल IBC24 के डिजिटल ​डिपार्टमेंट में Senior Associate Producer हैं। 2024 में महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय से Journalism and Mass Communication विषय में Ph.D अवॉर्ड हो चुके हैं। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से M.Phil और कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर से M.sc (EM) में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। जहां प्रावीण्य सूची में प्रथम आने के लिए तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा के हाथों गोल्ड मेडल प्राप्त किया। इन्होंने गुरूघासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर से हिंदी साहित्य में एम.ए किया। इनके अलावा PGDJMC और PGDRD एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स भी किया। डॉ.अनिल शुक्ला ने मीडिया एवं जनसंचार से संबंधित दर्जन भर से अधिक कार्यशाला, सेमीनार, मीडिया संगो​ष्ठी में सहभागिता की। इनके तमाम प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं में लेख और शोध पत्र प्रकाशित हैं। डॉ.अनिल शुक्ला को रिपोर्टर, एंकर और कंटेट राइटर के बतौर मीडिया के क्षेत्र में काम करने का 15 वर्ष से अधिक का अनुभव है। इस पर मेल आईडी पर संपर्क करें anilshuklamedia@gmail.com