Reported By: Star Jain
,Medical Shop Closed News/Image Credit: AI
Medical Shop Closed News: रायपुर: कल यानी बुधवार को छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश में दवा दुकानें पूरी तरह से बंद रहने वाली हैं। ऑनलाइन दवा बिक्री, नकली दवाइयों की सप्लाई और ई-फार्मेसी कंपनियों द्वारा दिए जा रहे भारी डिस्काउंट के विरोध में दवा व्यापारियों ने इस एक दिवसीय देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। (Medical Shop Closed News) इस बंद के दौरान थोक और चिल्हर दोनों तरह की दुकानें बंद रहेंगी। हालांकि, मरीजों की सुविधा को देखते हुए जनऔषधि केंद्रों, धनवंतरी मेडिकल स्टोर्स और हॉस्पिटल के अंदर की दवा दुकानों को इस हड़ताल से मुक्त रखा गया है।
ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) के आह्वान पर कल देश भर के दवा व्यापारी सड़कों पर हैं। इस हड़ताल का सबसे बड़ा कारण है ऑनलाइन ई-फार्मेसी कंपनियों की मनमानी, बिना डॉक्टर के पर्चे के एआई तकनीक से नकली प्रिस्क्रिप्शन बनाकर दवा बेचना और भारी डिस्काउंट का लालच देकर छोटे व्यापारियों का धंधा चौपट करना। अकेले छत्तीसगढ़ में कल लगभग 18,000 से 20,000 दवा दुकानें बंद रहेंगी, जिनमें अकेले राजधानी रायपुर के 3,000 दुकानदार शामिल हैं। इससे लगभग 50 करोड़ रुपए का व्यापारा प्रभावीत होने का अनुमान है।
Medical Shop Closed News: उधर दवा व्यापारियों की हड़ताल को देखते हुए प्रशासन ने भी अपनी तैयारी कर रखी है। आपात स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। आम जनता को जीवनरक्षक दवाइयों के लिए भटकना न पड़े, इसके लिए राज्य के सभी शासकीय अस्पतालों के भीतर संचालित दवा दुकानों को इस हड़ताल से पूरी तरह बाहर रखा गया है। (Medical Shop Closed News) इसके अलावा, छत्तीसगढ़ सरकार की प्राथमिकता वाली ‘श्री धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर’ योजना की सभी दुकानें और केंद्र सरकार के ‘प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्र’ कल सामान्य दिनों की तरह खुले रहेंगे। इस आंदोलन को लेकर जनता की अलग अलग राय है…कुछ लोग दवा व्यापारियों के मुद्दे को सही बता रहे तो कुछ इसे गलत मान रहे है…हालांकि सभी का मानना है की आंदोलन के रुप में दुकाने बंद करना सही नही है।
दवा व्यापारियों और ई-फार्मेसी कंपनियों के बीच की यह जंग कल आम जनता की परीक्षा लेने वाली है। हालांकि छत्तीसगढ़ सरकार की एडवाइजरी ने सरकारी अस्पतालों और वैकल्पिक केंद्रों को अलर्ट पर रखकर मरीजों को थोड़ी राहत जरूर दी है, लेकिन अरबों रुपये के व्यापारिक नुकसान के साथ कल स्वास्थ्य सुविधाओं पर दबाव बढ़ना तय है। (Medical Shop Closed News) अब देखना होगा कि इस देशव्यापी हड़ताल के बाद क्या केंद्र और राज्य सरकारें ऑनलाइन दवा व्यापार के लिए कड़े नियम लागू करती हैं या पारंपरिक केमिस्टों का यह आंदोलन और उग्र रूप लेगा।
इन्हे भी पढ़ें:-