naxali news/ image source: ibc24
Bastar Tribal Return News: रायपुर: छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग से जुड़े एक बड़े घटनाक्रम में अब 31 हजार से ज्यादा नक्सल प्रभावित आदिवासियों की घर वापसी की तैयारी तेज हो गई है। वर्षों पहले नक्सलियों के डर से अपने गांव छोड़ चुके ये लोग अब दोबारा अपने मूल स्थानों पर बसाए जाएंगे। डिप्टी सीएम अरुण साव ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वह कभी नहीं चाहते थे कि प्रदेश से नक्सलवाद खत्म हो।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 667 गांवों के 31 हजार से अधिक ग्रामीण तेलंगाना और आंध्रप्रदेश में पलायन कर गए थे, जिनमें कुल 6939 परिवार शामिल हैं। इनमें सबसे ज्यादा प्रभावित जिले दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर रहे हैं। अब सरकार इन प्रवासित परिवारों के पुनर्वास के लिए व्यापक योजना तैयार कर रही है, ताकि उन्हें सुरक्षित वातावरण, रोजगार और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
इसी बीच नक्सलवाद के मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। डिप्टी सीएम अरुण साव ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वह कभी नहीं चाहते थे कि प्रदेश से नक्सलवाद खत्म हो। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार में पुलिस और जवानों के हाथ बांध दिए गए थे, जिसके चलते नक्सलियों का मनोबल बढ़ा। साव ने यह भी कहा कि जब उनकी सरकार बनी थी, तब नक्सलियों ने खुशी मनाई थी और आज भी उनकी मंशा बार-बार सामने आ रही है। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट किया कि जब स्थिति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी, तब सुरक्षा बलों की तैनाती की समीक्षा कर उन्हें वापस बुलाने पर भी विचार किया जाएगा।
डिप्टी सीएम साव ने यह भी बताया कि नक्सलवाद के खिलाफ राज्य सरकार ने पूरी तैयारी के साथ अभियान चलाया, जिसका सकारात्मक परिणाम अब देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि नक्सलियों के सरेंडर करने पर उन्हें बेहतर पुनर्वास दिया जा रहा है, वहीं आम लोगों तक सरकारी योजनाओं और सुविधाओं को पहुंचाने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। साव के मुताबिक, इन प्रयासों का ही परिणाम है कि कम समय में नक्सलवाद पर काफी हद तक काबू पाया गया है। हाल ही में एक बड़े नक्सली कमांडर के समर्पण को लेकर भी उन्होंने कहा कि यह सरकार की सरेंडर पॉलिसी का असर है और मनीष कुंजाम द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं।
अन्य मुद्दों पर भी डिप्टी सीएम साव ने प्रतिक्रिया दी। पश्चिम बंगाल में न्यायिक अधिकारी को बंधक बनाए जाने की घटना पर उन्होंने ममता बनर्जी की सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वहां कानून का राज नहीं है और राज्य संविधान के अनुसार नहीं चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि तानाशाही रवैये के कारण जनता परेशान है और आने वाले चुनाव में बदलाव तय है। वहीं, पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी पर उन्होंने कहा कि वैट में छूट खत्म होने से दाम बढ़े हैं, लेकिन आम जनता सरकार के साथ खड़ी है और वैश्विक हालात सुधरने पर स्थिति बेहतर हो जाएगी।