Khadi and Village Industries Board: भूपेश सरकार ने संवार दी वनांचलों की जिंदगी, खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा ग्रामीणों को रोजगार से जोड़ा…

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Khadi and Village Industries Board provided employment to people भूपेश सरकार की राज में प्रदेश का वनांचल क्षेत्र अब विकास की ओर अग्रसर हो रहा है।

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  • Publish Date - September 10, 2023 / 01:50 PM IST,
    Updated On - September 10, 2023 / 01:50 PM IST

Khadi and Village Industries Board provided employment to people

Khadi and Village Industries Board: रायपुर। भूपेश सरकार की राज में प्रदेश का वनांचल क्षेत्र अब विकास की ओर अग्रसर हो रहा है। विकास की नई ऊंचाइयों को छूने का संकल्प लेकर सुदृढ़ ग्रामीण अर्थव्यवस्था व आत्मनिर्भरता को नई दिशा देने वाली सीएम भूपेश की यह विशेष पहल है। कृषि आधारित मजबूत अर्थव्यवस्था के कारण छत्तीसगढ़ पूरे देश में विख्यात है। भूपेश सरकार ने अपने प्रदेशवासियों से किए तमाम बड़े वादों को पूरा करके दिखाया है।

सीएम भूपेश बघेल ने अपने कार्यकाल में पूरी कोशिश की, कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था के साथ-साथ राज्य की शहरी अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिले। इसी दिशा में सीएम ने शहरी अधोसंरचना के विकास के लिए अतिरिक्त वित्तीय संसाधन जुटाने ऐसी योजनाएं संचालित की, जिनसे समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाया जा सके। इसी कड़ी में ग्रामीणों को स्वरोजगार के लिए प्रदेश में लघु एवं कुटीर उद्योग को बढ़ावा दिया जा रहा है।

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सीएम बघेल ने संवार दी ग्रामीणों की जिंदगी

सीएम भूपेश बघेल ने वनांचल क्षेत्रों में ग्रामीणों को रोजगार देकर उनकी जिंदगी संवार दी है। भूपेश सरकार की विशेष पहल से छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा ग्रामीणों को अब तक 54424 लोगों को रोजगार से जोड़ा गया है। छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड ग्रामीण अंचलों में रोजगार के अवसरों का सृजन कर ग्रामीणों में आत्मनिर्भरता की भावना को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ बुनकरों और कारीगरों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों का बेहतर बाजार उपलब्ध कराता है। इसी कड़ी में ‘संगवारी छत्तीसगढ़’ नाम से यह विक्रय केंद्र देश की राजधानी में अपनी नई पहचान बन गई है।

ऐसे दिया जा रहा स्वरोजगार को बढ़ावा

छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के अंतर्गत संचालित प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) खादी और ग्रामोद्योग आयोग (भारत सरकार) की एक प्रायोजित योजना है। इसी तरह मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (सीएमईजीपी) योजना अन्तर्गत परियोजना लागत वाली सेवा क्षेत्र के लिए एक लाख रुपए एवं विनिर्माण क्षेत्र के लिए 3 लाख रुपए तथा अनुदान राशि 35 प्रतिशत तक दी जाती है। जिसके लिए हितग्राहियों को 5 प्रतिशत स्वयं का अंशदान करना होता है। इसके लिए अनुदान राशि बैंकों के माध्यम से उपलब्ध कराया जाता है। इस योजनान्तर्गत ग्रामीण क्षेत्रों के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग के लोगों के लिए छोटी-छोटी ग्रामोद्योग इकाईयों की स्थापना की जाती है। इस योजना से ग्रामीणों को लाभान्वित कर ग्रामोद्योग एवं स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है।

खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड का मूल उद्देश्य

भूपेश सरकार द्वारा अंगीकृत किये गये तथा नवम्बर 2000 के प्रथम दिन से ही पूरे प्रदेश पर लागू होना माना गया। बोर्ड का मूल उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों का सृजन कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाना है, साथ ही विक्रय योग्य वस्तुओं का निर्माण कर विकेन्द्रित अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन देना व ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता की भावना को प्रोत्साहित कर, शोषण रहित एवं समता मूलक समाज की रचना का व्यापक उद्देश्य है।

इन जगहों में हो रहा खादी वस्त्रों का निर्माण

प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड अंतर्गत उत्पादन केंद्र में कत्तिनों द्वारा चरखे से धागा का निर्माण किया जाता है एवं बुनकरों द्वारा खादी वस्त्रों का निर्माण किया जाता है जिसके लिए खादी और ग्रामोद्योग आयोग द्वारा निर्धारित दर पर श्रमिकाई का भुगतान किया जाता है। विशेष रूप से खादी तिफरा बिलासपुर, खादी उत्पादन केंद्र कुंवरगढ़, खादी उत्पादन केंद्र सारागांव, खादी उत्पादन केंद्र गरियाबंद, खादी उत्पादन केंद्र मैनपुर, खादी उत्पादन केंद्र भगतदेवरी, खादी उत्पादन केंद्र देवरबीजा, खादी उत्पादन केंद्र डिमरापाल, रेशम खादी उत्पादन केंद्र हरदीबाजार आदि जगहों में उत्पादि​त किया जाता है। इन काम के लिए खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा लघु एवं कुटीर उद्योग को बढ़ावा दिया जा रहा है।

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ग्रामीणों को इन व्यवसायों से मिला सहारा

Khadi and Village Industries Board: ग्रामोद्योग बांस शिल्प केंद्र जगदलपुर में संचालित है, जहां बांस के कलात्मक वस्तुओं का उत्पादन एवं शासकीय तथा फुटकर विक्रय किया जाता है। इसके साथ ही रायपुर, बिलासपुर एवं जगदलपुर में भी संचालित है, जहां ग्रामोद्योग उत्पादित सामग्रियों एवं वस्त्रों का शासकीय एवं फुटकर विक्रय किया जाता है। लघु एवं कुटीर उद्योग के लिए ग्रामीणों को भूपेश सरकार द्वारा रोजगार दिया गया है। सीएम भूपेश बघेल की विशेष पहल से ग्रामीणों को प्रदेश की पारंपरिक कलाओं जैसे हैण्डलूम वीविंग, मधु मक्खी पालन, लाख, जड़ी बुटी संग्रहण, बेल मेटल, ढोकरा शिल्प, बांस शिल्प, गोबर एवं गौ मूत्र से बने उत्पाद, वनोपज से बने उत्पाद, अगरबत्ती, मोमबत्ती निर्माण, सिलाई, बुनाई इत्यादि को उच्च प्राथमिकता एवं प्राथमिकता निर्धारित कर विशेष प्रोत्साहन प्रदान किये जा रहे हैं।

भंडार क्रय-नियमों के मुताबिक सरकारी विभागों में हैंडलूम और खादी से बने कपड़ों का इस्तेमाल किया जाता है। सरकारी कार्यालयों में खादी को बढ़ावा देने के लिए भूपेश सरकार ने प्रदेश में भंडार-क्रय नियमों में खादी को प्राथमिकता सूची में रखते हुए इसकी खरीदी के लिए प्रोत्साहित किया है।

 

 

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