Reported By: Rajesh Raj
,Chhattisgarh Politics on Naxalism || Image-Symbolic (Canva)
रायपुर: छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खात्मे की घोषणा के बाद भी राजनीतिक घमासान जारी है। कांग्रेस लगातार सरकार पर सवाल उठा रही है, जबकि भाजपा इन आरोपों पर पलटवार कर रही है। कांग्रेस नेताओं भूपेश बघेल और दीपक बैज सरकार के दावों को लेकर लगातार निशाना साध रहे हैं। (Chhattisgarh Politics on Naxalism) वहीं सरकार का कहना है कि नक्सलवाद खत्म होने से कांग्रेस असहज है।
कांग्रेस का कहना है कि अगर प्रदेश नक्सलमुक्त हो चुका है, तो सरकार अपने वादों को कब पूरा करेगी। पार्टी ने नक्सलमुक्त गांवों को 1 करोड़ रुपये देने, अतिरिक्त सुरक्षा बलों की वापसी और बस्तर के विकास के लिए विशेष योजना की मांग की है। इसके साथ ही कांग्रेस ने एनएमडीसी का मुख्यालय बस्तर लाने और बड़े उद्योगपतियों की एंट्री को रोकने जैसे मुद्दे भी उठाए हैं।
सरकार के मंत्रियों ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस ने कभी भी छत्तीसगढ़ को नक्सलमुक्त बनाने की गंभीर कोशिश नहीं की। उनका कहना है कि अब जब बस्तर में शांति और विकास का रास्ता खुल रहा है, तो कांग्रेस इसे स्वीकार नहीं कर पा रही है। (Chhattisgarh Politics on Naxalism) सरकार ने यह भी कहा कि बस्तर में स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच यह भी सच है कि दशकों से नक्सलवाद की समस्या से जूझ रहे प्रदेश में अब हालात बदल रहे हैं। बस्तर समेत पूरा छत्तीसगढ़ शांति और विकास की नई दिशा की ओर बढ़ रहा है, जिससे लोगों को बेहतर भविष्य की उम्मीद है।
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