Former Naxals in CG Vidhansabha: जो कभी संविधान नहीं मानते थे, आज वही देख रहे हैं छत्तीसगढ़ विधानसभा की कार्यवाही, सदन ने ताली बजाकर किया स्वागत

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Former Naxals in CG Vidhansabha: जो कभी संविधान नहीं मानते थे, आज वही देख रहे हैं छत्तीसगढ़ विधानसभा की कार्यवाही, सदन ने ताली बजाकर किया स्वागत

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  • Publish Date - February 27, 2026 / 01:55 PM IST,
    Updated On - February 27, 2026 / 01:57 PM IST

Former Naxals in CG Vidhansabha/Image Source: IBC24

HIGHLIGHTS
  • विधानसभा में बदला इतिहास
  • पूर्व नक्सलियों का लोकतंत्र में स्वागत
  • 120 पूर्व नक्सलियों की नई शुरुआत

रायपुर: Former Naxals in CG Vidhansabha:  छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज का दिन ऐतिहासिक रहा। विधानसभा के सभापति ने सदन को जानकारी दी कि 120 पुनर्वासित नक्सली विधानसभा की कार्यवाही देखने पहुंचे हैं। सभापति ने कहा कि जो लोग दशकों तक भारतीय संविधान को नहीं मानते थे, वे आज मुख्यधारा से जुड़कर लोकतांत्रिक व्यवस्था को करीब से देखने आए हैं।

120 पूर्व नक्सली पहुंचे विधानसभा (Rehabilitated Naxals CG)

Former Naxals in CG Vidhansabha:  सदन को बताया गया कि आगंतुकों में 54 महिलाएं और 66 पुरुष शामिल हैं। जैसे ही यह जानकारी दी गई, सदन में मौजूद सभी सदस्यों ने ताली बजाकर उनका स्वागत किया। इस मौके पर गृहमंत्री Vijay Sharma ने कहा कि नक्सली संगठन के शीर्ष नेता से लेकर निचले स्तर के कार्यकर्ता तक इस दल में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि शीर्ष नेता अध्यक्षीय दीर्घा में बैठे हुए हैं।

सदन ने तालियों से किया स्वागत (CG Vidhansabha News,)

Former Naxals in CG Vidhansabha:  गृहमंत्री ने कहा कि जो लोग अब तक ‘गन तंत्र’ के रास्ते पर थे, वे आज ‘गणतंत्र’ की मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने इसे प्रदेश की पुनर्वास नीति और शांति प्रक्रिया की बड़ी सफलता बताया। विधानसभा में इस अवसर को लोकतंत्र की मजबूती और समाज की मुख्यधारा में वापसी के प्रतीक के रूप में देखा गया। बात दें की इससे पहले बीती रात छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा ने अपने निवास नया रायपुर में आत्मसमर्पित नक्सलियों के साथ विशेष डिनर किया। इस अवसर पर नक्सल नेता सतीश सहित लगभग 100 पूर्व नक्सली शामिल हुए। जानकारी के अनुसार इन नक्सलियों ने सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर आत्मसमर्पण किया था। डिनर के दौरान नक्सलियों और सरकार के बीच मुख्य धारा में शामिल होने की प्रक्रिया और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा हुई।

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"छत्तीसगढ़ विधानसभा में पुनर्वासित नक्सली" क्यों पहुंचे?

A1: उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रिया और विधानसभा की कार्यवाही से परिचित कराने के लिए आमंत्रित किया गया था, ताकि वे मुख्यधारा से जुड़ सकें।

"नक्सल पुनर्वास नीति" क्या है?

A2: यह राज्य सरकार की नीति है, जिसके तहत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण और समाज में पुनर्स्थापन के अवसर दिए जाते हैं।

"विजय शर्मा का बयान" क्यों चर्चा में है?

A3: उन्होंने ‘गन तंत्र’ से ‘गणतंत्र’ की ओर बढ़ने की बात कहकर इसे शांति प्रक्रिया और लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक बताया।