Raigarh News, image source: ibc24
Raigarh News: रायगढ़ में महिला पुलिस आरक्षक से मारपीट के मामले को लेकर गिरफ्तार दो आरोपियों को जेल भेजा गया है। इस दौरान जिला जेल के बाहर महिला आरक्षकों ने पुलिस की गाड़ी रोक दी। उन्होंने आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। साथी आरोपियों का जुलूस निकालने की भी मांग की। हालाकि समझाइश के बाद मामला शांत हुआ है।
रायगढ़ जिले के तमनार में महिला पुलिसकर्मी के साथ मारपीट मामले में आखिरकार पुलिस ने मुख्य आरोपी की पहचान की है। मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। हालांकि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पुलिस ने अब तक उजागर नहीं की है। मामले में मुख्य आरोपी का नाम राजेश मरकाम के रूप में सामने आया है जो कि खरसिया थाना क्षेत्र का रहने वाला है।
इधर पुलिस ने घटना दिनांक से लेकर अब तक लगभग 14 से अधिक एफआईआर की है, जिस पर सवाल उठाने शुरू हो गया है। आंदोलन में शामिल ग्रामीणों ने साफ तौर पर ऐलान किया है कि महिला पुलिस से मारपीट मामले में 14 गांव के लोगों का कोई लेना-देना नहीं है। ग्रामीणों ने प्रेस नोट जारी कर आरोपियों की पहचान उजागर करने और उन्हें गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
आंदोलन में शामिल लोगों ने यह भी ऐलान किया है कि अगर पुलिस ने इस मामले में निर्दोष लोगों पर कार्रवाई की तो फिर वे भी उग्र आंदोलन के लिए तैयार रहेंगे। कांग्रेस ने भी इस बात को लेकर चेतावनी दे दी है की पुलिस निर्दोष लोगों पर कार्रवाई न करें। अगर ऐसा होता है तो कांग्रेस ग्रामीणों के साथ है।
रायगढ़ जिले के तमनार में कोल ब्लॉक के विरोध में किए जा रहे धरना आंदोलन के दौरान मारपीट आगजनी के साथ ही महिला पुलिसकर्मी के साथ अभद्रता की तस्वीर भी सामने आई थी। महिला पुलिस कर्मी के कपड़े फाड़ने और मारपीट करने का वीडियो उजागर होने के बाद क्षेत्र में बवाल मचा हुआ है। सत्ता पक्ष सहित विपक्ष और स्थानीय लोग जहां इस मामले में आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी कर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं तो वहीं इस मामले में आखिरकार पुलिस ने कार्रवाई शुरू की है।
उपद्रव और आगजनी मामले में घटना दिनांक से लेकर अब तक तमनार थाने में 14 एफआईआर दर्ज की जा चुकी है, जबकि महिला पुलिसकर्मी से मारपीट मामले में मुख्य आरोपी राजेश मरकाम सहित अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज होने की पुष्टि पुलिस ने की है। मामले में एसपी ने दो लोगों की गिरफ्तारी की पुष्टि भी की है, हालांकि आरोपियों की पहचान अब तक सार्वजनिक नहीं की गई है।
एसपी का कहना है कि घटना में गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ लूट हत्या का प्रयास शीलभंग करने जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। मामले में दो लोगों की गिरफ्तारी हुई है जबकि अन्य लोगों की फुटेज व अन्य सोर्सेस से पहचान की जा रही है। आरोपियों की तलाश जारी है।
इधर घटना में आंदोलन रत 14 गांव के लोगों ने भी कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि इस घटना में किसी भी स्थानीय व्यक्ति का हाथ नहीं है। मामले में जो भी दोषी है उन पर कार्रवाई होनी चाहिए।
इधर मामले में कांग्रेस का बयान भी सामने आया है। कांग्रेस का कहना है कि पुलिस ने अब तक 14 से अधिक एफआईआर की है। सभी मामलों में आरोपियों के नाम उजागर किए जाएं। अगर मामले में निर्दोष ग्रामीणों को घसीटा जाता है तो कांग्रेस ग्रामीणों के साथ आंदोलन में करने से कंधा मिलाकर खड़ी है।