Mayank Sahu gang arrested in case of firing in RKTC company
case of firing in RKTC company: रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी में इंफ्रास्ट्रक्चर और लाजिस्टिक इंडस्ट्रीज आरकेटीसी से फिरौती मांगने वाले हरियाणा के गैंगेस्टर मयंक साहू गैंग के तीन शूटरों को हरियाणा, मुंबई और मध्यप्रदेश से गिरफ्तार कर रायपुर लाया गया और इस पूरे मामले का खुलासा किया। खुलासा करते हुए एसएसपी प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि शूटरों ने सिविल लाइन थाना क्षेत्र में 11 फरवरी को शाम साढ़े छह बजे आरकेटीसी के सुरक्षागार्ड पर जानलेवा फायरिंग कर फरार हो गये थे हालांकि गार्ड बाल-बाल बच गया था।
घटना के बाद जांच में जुटी पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और गैंग के फिरौती मांगने संबंधित मैसेज के आधार पर शूटरों को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। अधिकारियों के मुताबिक मैसेज भेजकर आरकेटीसी ग्रुप से करोड़ों की फिरौती की मांग की गई थी। दहशत फैलाने सुरक्षा गार्ड पर फायरिंग की गई थी। पुलिस ने हरियाणा फतेहाबाद निवासी बलविंदर सिंह, हैरी सिंह उर्फ पाली निवासी बिरदाना फहतेहाबाद हरियाणा, और मध्यप्रदेश भोपाल निवासी आशीष निकम को गिरफ्तार किया है पुलिस ने इनके कब्जे से पुलिस ने एक पिस्टल और एक जिंदा कारतूस जब्त किया है। बलविंदर सिंह को पुलिस ने पठानकोट एक्सप्रेस से बुराहनपुर और आशीष निकम को मुंबई से गिरफ्तार किया है जबकि हैरी सिंह को पुलिस ट्रांजिट रिमांड पर लेकर आ रही है। तीनों हरियाणा के चर्चित मयंक साहू गैंग के शूटर हैं।
पुलिस के मुताबिक आरकेटीसी ग्रुप में बदमाशों को रंगदारी टैक्स देने से मना कर दिया। इसके बाद बदमाशों ने ग्रुप में दहशत फैलाने के लिए पिछले वर्ष 30 सितंबर को कोरबा स्थित टीपी नगर कार्यालय के बाहर फायरिंग की थी। डेढ़ वर्ष पूर्व बदमाशों ने झारखंड के हजारीबाग में आरकेटीसी से रंगदारी टैक्स की मांग की थी। तब ग्रुप ने रंगदारी देने से मना कर दिया इसके बाद रायपुर में फायरिंग की। बदमाशों ने सबसे पहले फायरिंग की घटना हजारीबाग में की थी। फायरिंग की घटना के बाद पुलिस एक्शन में आ गई और तत्काल तकनीकी विशलेषण एवं सीसीटीवी कैमरों के फुटेज के आधार पर घटना में संलिप्त आरोपित बलविंदर सिंह और हैरी सिंह उर्फ पाली उर्फ हरपाल सिंह हरियाणा के फतेहाबाद में होना ज्ञात हुआ।
case of firing in RKTC company: पुलिस की एक टीम को फतेहाबाद हरियाणा रवाना किया गया। टीम के सदस्यों द्वारा फतेहाबाद हरियाणा पहुंच कर लगातार कैंप कर आरोपियो की पतासाजी करते हुए हरियाणा पुलिस की सहायता से हैरी उर्फ पाली उर्फ हरपाल सिंह को पकड़ा गया। घटना के संबंध में पूछताछ करने पर हैरी उर्फ पाली उर्फ हरपाल सिंह ने बताया कि आरकेटीसी कंपनी के संचालक से पैसे वसूली के लिए उक्त घटना को अपने अन्य दो साथी बलविंदर सिंह एवं आशीष निकम के साथ मिलकर उक्त घटना को अंजाम देने के साथ ही बलविंदर सिंह के पठानकोट एक्सप्रेस से भागने संबंध में बताया गया, जिस पर टीम के सदस्यों द्वारा लगातार 24 घंटे सफर करते हुए आरोपी बलविंदर सिंह को बुराहनपुर मध्यप्रदेश के पास पठानकोट एक्सप्रेस ट्रेन से गिरफ्तार किया गया।
आरोपियों से पूछताछ पर पता चला कि उक्त घटना गैंगस्टर मयंक सिंह मलेशिया के मोबाइल नंबर से आरोपियो को फोन करके किया लोकल नेटवर्क के माध्यम से उक्त घटना को अंजाम देने आरोपियों को दोपहिया वाहन, पिस्टल, कारतूस उपलब्ध कराकर घटना को अंजाम दिया गया। आरोपियों से पूछताछ करने पर पता चला कि गैंगस्टर मयंक सिंह अंतरराष्ट्रीय कॉल करके हैरी उर्फ पाली उर्फ हरपाल सिंह को उक्त घटना को अंजाम देने के लिए दो लाख रुपये देने का सौदा किया था। हैरी ने अपने अन्य दो साथियों के साथ रायपुर शंकर नगर स्थित आरकेटीसी कंपनी के ऑफिस में सुरक्षा गार्ड के ऊपर गोली चलाकर घटना को अंजाम दिए थे।