मुठभेड़ में आठ लाख रुपये का ईनामी शीर्ष नक्सली ऊधम सिंह ढेर

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मुठभेड़ में आठ लाख रुपये का ईनामी शीर्ष नक्सली ऊधम सिंह ढेर

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  • Publish Date - February 5, 2026 / 07:29 PM IST,
    Updated On - February 5, 2026 / 07:29 PM IST

बीजापुर (छत्तीसगढ़), पांच फरवरी (भाषा) छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में बृहस्पतिवार को सुरक्षाकर्मियों से हुई मुठभेड़ में आठ लाख रुपये का ईनामी शीर्ष नक्सली मारा गया। पुलिस ने यह जानकारी दी।

एक अधिकारी ने कहा कि नक्सली की पहचान प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) की दक्षिण बस्तर डिविजन की ‘डिविजनल कमेटी’ के सदस्य ऊधम सिंह के रूप में हुई है। सिंह दक्षिण बस्तर डिविजन की पलटन संख्या 13 का प्रभारी था।

बस्तर के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव ने कहा कि गुप्त जानकारी मिली थी कि सिंह और अन्य सशस्त्र उग्रवादी तर्रेम पुलिस थाना क्षेत्र के जंगलों और पहाड़ी इलाकों में मौजूद हैं, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने एक अभियान शुरू किया

उन्होंने कहा कि इस अभियान में जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) और सीआरपीएफ के विशेष कोबरा (कमांडो बटालियन फॉर रिजॉल्यूट एक्शन) कमांडो शामिल थे।

एसपी ने कहा, ‘सुरक्षा बलों और माओवादी उग्रवादियों के बीच सुबह करीब 7:30 बजे गोलीबारी हुई। जब गोलीबारी बंद हुई, तो ऊधम सिंह का शव बरामद किया गया। घटनास्थल से एक एके-47 राइफल, दो मैगजीन और 28 गोलियां, कॉर्डेक्स वायर, एक वायरलेस सेट, एक मोबाइल फोन, पाउच, पिट्ठू बैग, टिफिन बैग और अन्य सामान बरामद किए गए।

अधिकारी ने कहा कि बीजापुर जिले के बसगुड़ा पुलिस थाना क्षेत्र के कोटागुड़ा गांव का निवासी सिंह 2002-03 में माओवादी संगठन में सदस्य के रूप में शामिल हुआ था और छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर सक्रिय रहा था। वह पिछले तीन वर्षों से पामेड क्षेत्र समिति से जुड़ा हुआ था।

एसपी ने कहा, ‘उसके खिलाफ जिले के विभिन्न थानों में नक्सल घटनाओं से जुड़े नौ मामले दर्ज थे। वह 2023 में तर्रेम पुलिस थाना क्षेत्र के गोंडम जंगल क्षेत्र में पुलिस दल पर हमले, 2024 में बसगुड़ा थानाक्षेत्र के पुटकेल-चिपुरभट्टी जंगल में पुलिस-माओवादियों के बीच मुठभेड़ और 2024 में जिडपल्ली कैंप पर हमले में कथित तौर पर शामिल था।”

अधिकारी ने कहा कि साल 2025 में बिजापुर जिले में हुईं अलग-अलग मुठभेड़ों में कुल 163 माओवादी मारे गए थे, जबकि 2026 में अब तक 11 माओवादी ढेर हो चुके हैं।

बस्तर रेंज के पुलिस निरीक्षक जनरल सुंदरराज पट्टलिंगीम ने कहा कि सुरक्षा बल शांति और सार्वजनिक सुरक्षा बनाए रखने के लिए सतर्कता, संयम और दृढ़ संकल्प के साथ काम कर रहे हैं।

सुंदरराज ने कहा, ‘हिंसा का मार्ग चुनने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी लेकिन सरकार उन लोगों को मुख्यधारा में लाने और पुनर्वास नीति के तहत जीवन बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।”

इस साल अब तक राज्य में अलग-अलग मुठभेड़ में 23 माओवादी मारे जा चुके हैं। तीन जनवरी को, बस्तर क्षेत्र में दो मुठभेड़ में कुल 14 माओवादी मारे गए थे।

पिछले साल, छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों से हुईं मुठभेड़ में 285 माओवादी मारे गए थे। केंद्र सरकार ने इस साल 31 मार्च तक वामपंथी उग्रवाद को समाप्त करने की समय सीमा तय कर रखी है।

भाषा

जोहेब नरेश

नरेश