Wadrafnagar Samadhan Shivir: छत्तीसगढ़ के इस जिले की विधायक का फूटा गुस्सा, मंच से तहसीलदारों को सुनाई खरी-खोटी, कहा-एटीट्यूड छोड़िए वरना…
Wadrafnagar Samadhan Shivir: वाड्रफनगर में आयोजित समाधान शिविर के दौरान उस समय माहौल गर्म हो गया, जब विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते ने खुले मंच से पटवारी और तहसीलदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए।
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Wadrafnagar Samadhan Shivir: वाड्रफनगर: वाड्रफनगर में आयोजित समाधान शिविर के दौरान उस समय माहौल गर्म हो गया, जब विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते ने खुले मंच से पटवारी और तहसीलदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए। राजस्व मामलों की बढ़ती शिकायतों को लेकर विधायक ने अधिकारियों को जमकर नसीहत दी और कहा कि जनता की समस्याओं से इनका कोई लेना-देना नहीं रह गया है।
Patwari Negligence: ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे थे
वाड्रफनगर ब्लॉक के मुरकौल में आयोजित समाधान शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे थे। शिविर में सबसे ज्यादा आवेदन राजस्व विभाग से जुड़े मामलों के रहे। जमीन विवाद, सीमांकन, नामांतरण, बंटवारा और कब्जे जैसे मामलों को लेकर ग्रामीणों ने अधिकारियों के सामने शिकायतों का अंबार लगा दिया।
Shakuntala Singh Porte: विधायक का गुस्सा मंच पर ही फूट पड़ा
लगातार मिल रही शिकायतों के बाद विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते का गुस्सा मंच पर ही फूट पड़ा। विधायक ने खुले मंच से पटवारियों पर तंज कसते हुए कहा कि “ये तो भगवान बन गए हैं।” उन्होंने कहा कि आम जनता महीनों तक दफ्तरों के चक्कर काटती रहती है, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान समय पर नहीं होता।
विधायक ने साफ शब्दों में कहा कि जनता की परेशानियों से अधिकारियों का कोई लेना-देना नहीं दिखाई देता। लोगों को छोटे-छोटे कामों के लिए भी बार-बार भटकना पड़ रहा है। विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते ने यह भी कहा कि गांवों में होने वाले अधिकांश झगड़ों की जड़ पटवारी होते हैं।
समय पर सही कार्रवाई नहीं होने और लापरवाही के कारण छोटे विवाद बड़े झगड़ों में बदल जाते हैं। उन्होंने पटवारी और तहसीलदारों को चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि “एटीट्यूड छोड़कर काम कीजिए।”
जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए। विधायक ने तहसीलदारों को भी नसीहत देते हुए कहा कि अधिकारी जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनें।
शासन की मंशा है कि लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान हो, लेकिन कई जगह अधिकारी इस जिम्मेदारी को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।पटवारी और तहसीलदारों को अपना एटीट्यूड छोड़कर जनता के लिए काम करना चाहिए।”फिलहाल समाधान शिविर में विधायक के सख्त तेवर और अधिकारियों को दी गई नसीहत इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।
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