रायपुर: छत्तीसगढ़ में इन दिनों वर्चुअल मुलाकात को लेकर सियासत चरम पर है। कोरोना संक्रमण को रोकने और वैक्सीनेशन के मुद्दे पर बीजेपी नेता मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से फेस टू फेस मुलाकात करना चाहते हैं, तो वहीं प्रदेश के मुखिया वर्चुअल चर्चा चाहते हैं। लेकिन विपक्ष ने मुख्यमंत्री के इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया। बीजेपी नेताओँ ने इसे अपमान करार देते हुए इसकी शिकायत लेकर राजभवन पहुंचे। हालांकि राजभवन जाने पर कांग्रेस ने पलटवार किया कि विपक्ष अगर सही में गंभीर है तो वर्चुअल बैठक में भाग लेते, ना कि राजनीति करते। संकट की इस घड़ी में जब सरकार और विपक्ष को साथ मिलकर हालात का सामना करना चाहिए। जिद और विचारधारा को परे रखकर एकजुटता दिखानी चाहिए, तब दोनों पक्षों का ये रवैया वाकई सवाल खड़ा करता है।
कोरोना से मचे हाहाकार के बीच छत्तीसगढ़ में सरकार और विपक्ष के बीच रस्साकसी जारी है। इसी कड़ी में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय और पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह की अगुवाई में बीजेपी का प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल अनुसुईया उइके से मिला और सरकार कोरोना संक्रमण को रोकने सरकार की नीतियों और रवैये पर हस्तक्षेप करने की मांग की दरअसल बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने शनिवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखकर प्रतिनिधिमंडल के साथ मिलने का समय मांगा था। जवाब में मुख्यमंत्री ने बातचीत का स्वागत करते हुए वर्चुअल बैठक का प्रस्ताव रखा, जिसे बीजेपी ने अपना अपमान बताया जिसपर सत्ता पक्ष के नेताओं ने कहा कि सीएम अभी सभी से वर्चुअल चर्चा ही कर रहे हैं, तो बीजेपी नेताओं को क्या दिक्कत है। राजभवन जाकर राज्यपाल से मिलने पर कांग्रेस ने बीजेपी नेताओं पर राजनीति करने का आरोप लगाया।
विपक्ष के प्रस्ताव पर कोरोना पर चर्चा के लिए सीएम भूपेश बघेल ने बीजेपी को 12 मई को वर्चुअल बैठक का समय दिया है। लेकिन राज्यपाल से मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने इसे विपक्ष का अपमान बताया। साथ ही सवाल पूछा कि फेस टू फेस बात करने में सरकार को क्या दिक्कत है। इधर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने साफ कर दिया कि वे सीएम के साथ होने वाले वर्चुअल मीटिंग में हिस्सा नहीं लेंगे।
बहरहाल मुख्यमंत्री से फेस-टू-फेस चर्चा करने के मुद्दे पर बीजेपी आक्रामक है, वो सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगा रही है। तो, दूसरी ओर कांग्रेस ने भी जवाबी हमला तेज कर दिया है, वो विपक्ष से सवाल कर रहा है कि अगर वाकई उनके पास कोई रचनात्मक सुझाव हैं तो वर्चुअल बैठक में भी दिए जा सकते हैं। आखिर आमने-सामने की बैठक की ही जिद क्यों कर रहे हैं?