बंगाल में न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने और सड़क जाम करने के मामले में 15 लोग गिरफ्तार

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बंगाल में न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने और सड़क जाम करने के मामले में 15 लोग गिरफ्तार

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  • Publish Date - May 26, 2026 / 04:14 PM IST,
    Updated On - May 26, 2026 / 04:14 PM IST

कोलकाता/नयी दिल्ली, 26 मई (भाषा) राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने पिछले महीने पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में शामिल न्यायिक अधिकारियों को कथित तौर पर अवैध रूप से बंधक बनाने और सड़क जाम करने के मामले में 15 लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

उच्चतम न्यायालय द्वारा घटनाओं का स्वतः संज्ञान लेने के बाद भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जांच का जिम्मा संभालने वाली राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने सोमवार को मालदा जिले में व्यापक तलाशी अभियान चलाया।

एजेंसी ने मंगलवार को जारी एक बयान में कहा कि दो अलग-अलग मामलों में सड़क जाम करने और न्यायिक अधिकारियों को अवैध रूप से बंधक बनाने के आरोप में कुल 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

एक मामले में मुख्य आरोपी जोशम एसके और अस्माउल एसके सहित 12 लोगों को हैबटोला-अमलीटोला सड़क पर एक महिला न्यायिक अधिकारी को लगभग आठ घंटे तक बंधक बनाकर रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

आतंकवाद निरोधक एजेंसी ने बताया कि मोथाबारी ब्लॉक में बागमारा पुल को जाम करने के संबंध में तीन अन्य लोगों – आलमगीर एसके, नूरुल इस्लाम और हबीबुर रहमान को गिरफ्तार किया गया है।

अधिकारियों के अनुसार, एक अप्रैल को मतदाता सूचियों से नाम हटाने के विरोध में उमड़ी एक बड़ी भीड़ हिंसक हो गई और सड़कों को जाम की, वाहनों में तोड़फोड़ की और पुलिसकर्मियों पर हमला किया।

इस घटना के बाद मोथाबारी स्थित प्रखंड विकास अधिकारी (बीडीओ) कार्यालय में कथित तौर पर सात न्यायिक अधिकारियों को बंधक बना लिया गया और आठवें को एक वाहन में बंद कर दिया गया।

ये न्यायिक अधिकारी मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के लिए तैनात किए गए थे। सुरक्षा बलों ने देर रात उन्हें छुड़ाया था जिससे विधानसभा चुनावों से पहले राज्य में राजनीतिक हंगामा मच गया।

एनआईए ने कहा कि इन घटनाओं में शामिल अन्य लोगों का पता लगाने के लिए जांच जारी है। केंद्रीय एजेंसी ने यह भी कहा कि वह समन्वित नाकाबंदी और बंधक बनाए जाने के पीछे की बड़ी साजिश का पर्दाफाश करने की कोशिश कर रही है।

भाषा

संतोष पवनेश

पवनेश