नयी दिल्ली, 18 जनवरी (भाषा) दिल्ली में 2024-25 में सड़कों पर सार्वजनिक परिवहन की बसों से जुड़ी लगभग 150 दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 40 घातक थीं, ऐसे में सड़क सुरक्षा संबंधी मुद्दे उठे हैं।
दिल्ली सरकार द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार, 2024-25 में दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की बसें 97 सड़क दुर्घटनाओं में शामिल थीं, जिनमें से 21 घातक थीं और उनके परिणामस्वरूप (बस) यात्रियों और पैदल यात्रियों की जान गई एवं कुछ घायल हुए।
यातायात नियमों के उल्लंघन के अलावा, बसों के लिए समर्पित लेन की कमी, चालकों में उचित प्रशिक्षण की कमी, तेज गति और यांत्रिक खराबी भी इन दुर्घटनाओं के लिए जिम्मेदार रहीं।
जून 2025 में, शादीपुर डिपो के पास दो डीटीसी बसों की टक्कर में एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो घायल हो गए। पिछले साल अगस्त में, शकरपुर में एक बस की टक्कर से एक ऑटो रिक्शा चालक की जान चली गई।
पिछले साल अक्टूबर में विश्वास नगर इलाके में एक डीटीसी बस ने एक स्कूली वाहन, ई-रिक्शा और दोपहिया वाहन को टक्कर मार दी थी, जिससे एक बच्चे समेत तीन लोग घायल हो गए। दिसंबर में, पश्चिमी दिल्ली में सड़क के गलत साइड से चल रही एक बस ने एक कार और एक ऑटो रिक्शा को टक्कर मार दी, जिसमें कम से कम दो लोग घायल हो गए।
आंकड़ों से यह भी पता चला कि जहां 15 हादसों को बड़ी दुर्घटना के रूप में वर्गीकृत किया गया था, वहीं अधिकांश दुर्घटनाएं (61) मामूली श्रेणी में आती हैं।
दुर्घटना में शामिल सभी बसें डीटीसी द्वारा संचालित 12 मीटर लंबी मानक लो-फ्लोर बसें थीं।
अधिकारियों ने बताया कि शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में सड़कों पर भारी यातायात और वाहनों द्वारा लेन नियमों का पालन न किये जाने के कारण ये बड़ी बसें दुर्घटनाओं की चपेट में आ जाती हैं।
भाषा राजकुमार सुरेश
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