2020 दिल्ली दंगे: पुलिस गवाहों के बार-बार पेश न होने पर अदालत ने चिंता जताई

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2020 दिल्ली दंगे: पुलिस गवाहों के बार-बार पेश न होने पर अदालत ने चिंता जताई

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  • Publish Date - July 8, 2026 / 06:56 PM IST,
    Updated On - July 8, 2026 / 06:56 PM IST

नयी दिल्ली, आठ जुलाई (भाषा) शहर की एक अदालत ने 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े एक मामले में पुलिस गवाहों के पेश होने और प्रकरण से जुड़ी सामग्री को पेश करने में बार-बार हो रही देरी पर चिंता जताई है और कहा है कि इससे समय की बर्बादी होती है।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश परवीन सिंह ने यह भी निर्देश दिया कि इस मामले को पुलिस आयुक्त के ध्यान में लाया जाए ताकि अधीनस्थ अदालत में पुलिस गवाहों की समय पर मौजूदगी सुनिश्चित की जा सके।

अदालत ने सात जुलाई के एक आदेश में कहा, “यह देखा गया है कि पुलिस गवाह सुबह 10 बजे अदालत में मौजूद नहीं होते हैं और आमतौर पर वे पूर्वाह्न 11 बजे आते हैं, जिससे समय बर्बाद होता है। इस अदालत में ज़्यादातर मामले सबूत के चरण में हैं और इसलिए, साक्ष्य के लिए मामले की सुनवाई को आमतौर पर सुबह 10:05 बजे रखा जाता है।”

न्यायाधीश ने कहा कि पिछली सुनवाई में इसी तरह की चिंता जताए जाने के बावजूद देरी जारी रही।

यह आदेश तब आया जब मामले को सुनवाई के लिये दो बार पुकारा गया, लेकिन अदालत को बताया गया कि पुलिस ने मामले से जुड़ी सामग्री पेश नहीं की थी। बाद में अदालत ने देखा कि विशेष प्रकोष्ठ के संबंधित अधिकारी सुबह 10:55 बजे ही आए, जबकि तब तक दूसरे मामले में गवाही शुरू हो चुकी थी। अदालत ने यह भी संज्ञान में लिया कि उस मामले के जांच अधिकारी भी देर से पहुंचे थे।

अदालत ने अपने चार जुलाई के आदेश की प्रति साथ लगाने का निर्देश देते हुए कहा कि यह मामला दिल्ली पुलिस आयुक्त के संज्ञान में लाया जाना चाहिए, ताकि वे “इस मामले को देखें और अदालत में गवाहों की समय पर मौजूदगी सुनिश्चित करें”।

अदालत राष्ट्रीय राजधानी के दयालपुर इलाके में दंगा करने, गैर-कानूनी तरीके से इकट्ठा होने और दंगों में शामिल होने के आरोपी कई लोगों के खिलाफ एक मामले की सुनवाई कर रही थी।

भाषा

प्रशांत माधव

माधव