पूर्वोत्तर को शेष भारत से जोड़ने के लिए 40 किमी भूमिगत रेल गलियारे की योजना : वैष्णव

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पूर्वोत्तर को शेष भारत से जोड़ने के लिए 40 किमी भूमिगत रेल गलियारे की योजना : वैष्णव

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  • Publish Date - February 2, 2026 / 05:43 PM IST,
    Updated On - February 2, 2026 / 05:43 PM IST

गुवाहाटी, दो फरवरी (भाषा) केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को कहा कि पूर्वोत्तर भारत को देश की मुख्य भूमि से जोड़ने वाले रणनीतिक रूप से अहम 40 किलोमीटर लंबे सिलीगुड़ी गलियारे में भूमिगत रेल पटरी बिछाने की योजना पर काम किया जा रहा है।

पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से होकर गुजरने वाला संकरा भू-गलियारा, जो उत्तर पूर्वी क्षेत्र को भारत के अन्य भागों से जोड़ता है, अक्सर ‘चिकेन नेक’ के नाम से जाना जाता है।

वैष्णव ने आम बजट में रेल मंत्रालय संबंधी प्रावधानों की जानकारी देने के लिए आयोजित ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘पूर्वोत्तर को देश के शेष भाग से जोड़ने वाले 40 किलोमीटर लंबे रणनीतिक गलियारे के लिए विशेष योजना बनाई जा रही है। भूमिगत रेलवे ट्रैक बिछाने और मौजूदा ट्रैक को चार लेन का बनाने की योजना पर काम हो रहा है।’’

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) के महाप्रबंधक चेतन कुमार श्रीवास्तव ने योजना के बारे में जानकारी साझा करते हुए कहा कि भूमिगत रेलवे लाइन पश्चिम बंगाल में टिन मिले हाट और रंगापानी रेलवे स्टेशनों के बीच होंगी।

उन्होंने कहा, ‘‘सुरक्षा की दृष्टि से यह भूमिगत मार्ग महत्वपूर्ण है।’’

भाषा धीरज नेत्रपाल

नेत्रपाल