मौनी अमावस्या पर 4.52 करोड़ लोगों ने गंगा और संगम में डुबकी लगाई

मौनी अमावस्या पर 4.52 करोड़ लोगों ने गंगा और संगम में डुबकी लगाई

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  • Publish Date - January 18, 2026 / 09:11 PM IST,
    Updated On - January 18, 2026 / 09:11 PM IST

प्रयागराज, 18 जनवरी (भाषा) प्रयागराज में जारी माघ मेले में रविवार को मौनी अमावस्या पर शाम छह बजे तक 4.52 करोड़ श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में डुबकी लगाई।

इस बीच, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर स्नान कर रहे श्रद्धालुओं और साधु संतों पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई।

मेला प्रशासन के एक अधिकारी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि कल रात 12 बजे से ही स्नान करने के लिए लोगों का गंगा और संगम क्षेत्र में आना जारी रहा।

इस दौरान, सुबह स्नान के दौरान संगम नोज पर उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को भारी संख्या में समर्थकों के साथ संगम में जाने से पुलिस ने रोक दिया।

पुलिस अधीक्षक (माघ मेला) नीरज पांडेय ने बताया कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बिना किसी अनुमति के 200-250 समर्थकों के साथ पुल नंबर 2 का बैरियर तोड़कर स्नान घाट की तरफ प्रवेश किया।

पांडेय के मुताबिक, उन्हें बताया गया था कि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ है, इसके बावजूद वह नहीं माने और रोकने पर वह स्नान किए बगैर वापस चले गए।

उन्होंने बताया, “पुलिस प्रशासन सभी साधु संतों का सम्मान करती है, लेकिन श्रद्धालुओं की सुरक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है।”

वहीं, शंकराचार्य के मीडिया प्रभारी शैलेंद्र योगीराज ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि जगद्गुरु शंकराचार्य ज्योतिषपीठाधीश्वर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज को प्रशासन ने आज जानबूझकर स्नान करने से रोका।

उन्होंने कहा, “यह घटना पूरी तरह से सुनियोजित थी और प्रशासन ने जानबूझकर उन्हें स्नान करने से रोका जो निंदनीय कार्य है।”

योगीराज ने दावा किया, “शंकराचार्य के समर्थक शांतिपूर्ण ढंग से संगम नोज की तरफ स्नान के लिए जा रहे थे, लेकिन षड़यंत्र के तहत प्रशासन के लोगों ने समर्थकों को धक्का दिया और संतों को बर्बरतापूर्वक पीटा।”

मौनी अमावस्या स्नान को लेकर मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने बताया कि श्रद्धालुओं को सही रास्ता दिखाने के लिए मेला प्रशासन ने खंभों पर ‘रिफ्लेक्टिव टेप’ लगाए हैं और नागरिक सुरक्षा के स्वयंसेवकों ने भी श्रद्धालुओं का मार्गदर्शन किया।

उन्होंने बताया कि माघ मेला 800 हेक्टेयर क्षेत्र में सात सेक्टरों में लगाया गया है। मेला क्षेत्र में 25,000 से अधिक शौचालय बनाए गए हैं और 3500 से अधिक सफाईकर्मी तैनात हैं।

अग्रवाल ने बताया कि छोटी अवधि का कल्पवास करने के इच्छुक लोगों के लिए माघ मेला में ‘टेंट सिटी’ बनाई गई है जहां ध्यान और योग आदि की सुविधाएं मौजूद हैं।

श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए बाइक टैक्सी और गोल्फ कार्ट की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

पांडेय ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम आवागमन के लिए पूरे मेला क्षेत्र में 10,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं।

उन्होंने बताया कि माघ मेला 2025-26 में कुल 12,100 फुट लंबे घाटों का निर्माण किया गया है जिनमें सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं।

भाषा राजेंद्र नोमान

नोमान