केरल में कोविड-19 के 7,312 नये मामले, 362 मरीजों की मौत

केरल में कोविड-19 के 7,312 नये मामले, 362 मरीजों की मौत

केरल में कोविड-19 के 7,312 नये मामले, 362 मरीजों की मौत
Modified Date: November 29, 2022 / 08:21 pm IST
Published Date: November 3, 2021 8:33 pm IST

तिरुवनंतपुरम, तीन नवंबर (भाषा) केरल में बुधवार को कोविड-19 के 7,312 नये मामले सामने आने के साथ ही राज्य में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 49,87,710 हो गई है।

वहीं, संक्रमण से 362 और मौतों के बाद मृतक संख्या बढ़कर 32,598 हो गई। मौत के नए मामलों में ऐसे मामले में भी शामिल हैं जिन्हें किन्ही कारणवश पूर्व में मृतक संख्या में नहीं जोड़ा गया था। राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने एक विज्ञप्ति जारी कर यह जानकारी दी।

केरल सरकार ने कोविड-19 रोधी टीके की एक खुराक लेने वाले लोगों को सिनेमाघरों में प्रवेश की अनुमति देने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री पिनारायी विजयन ने एक विज्ञप्ति में कहा कि कोविड की मौजूदा स्थिति की समीक्षा करने के बाद ही यह फैसला लिया गया है।

विजयन ने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए चिकित्सकों को नियमित रूप से और स्वास्थ्य संबंधी शिकायत मिलने पर स्कूल जाकर बच्चों की स्वास्थ्य जांच करने के लिए कहा गया है ताकि महामारी को लेकर बच्चों में व्याप्त डर को कम किया जा सके।

केरल में विवाह समारोहों और अंत्येष्टि के अलावा सामाजिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक और अन्य सामुदायिक कार्यक्रमों में अब 200 लोगों की उपस्थिति की अनुमति प्रदान कर दी गयी है। इससे पहले यह संख्या 100 थी।

विज्ञप्ति के मुताबिक केरल में बीते 24 घंटे के दौरान कोविड-19 के 8,484 मरीज संक्रमणमुक्त हुए, जिससे राज्य में इस जानलेवा वायरस के संक्रमण को मात देने वालों की संख्या बढ़कर 48,81,414 हो गई है। विज्ञप्ति में बताया कि राज्य में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या 73,083 हो गयी है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार राज्य के 14 जिलों में से तिरुवनंतपुरम में सर्वाधिक 1,099 नये मामले सामने आए। इसके बाद एर्णाकुलम में 1,025 जबकि कोझिकोड में कोरोना वायरस संक्रमण के 723 नये मामले दर्ज किए गए।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि केरल में बीते 24 घंटे के दौरान 69,680 नमूनों की कोविड-19 संबंधी जांच की गई। राज्य में कुल 2,61,090 लोगों को निगरानी में रखा गया है, जिसमें से 5,058 लोग विभिन्न अस्पतालों में बने पृथक-वास में भर्ती हैं।

भाषा रवि कांत पवनेश

पवनेश


लेखक के बारे में