लातूर के कोचिंग संस्थान मालिक ने नीट प्रश्नपत्र प्राप्त करने के लिए पांच लाख रुपये दिये थे : सीबीआई
लातूर के कोचिंग संस्थान मालिक ने नीट प्रश्नपत्र प्राप्त करने के लिए पांच लाख रुपये दिये थे : सीबीआई
नयी दिल्ली, 16 जुलाई (भाषा) लातूर में कोचिंग संस्थान चलाने वाले शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर ने चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित राष्ट्रीय पात्रता एवं प्रवेश परीक्षा (नीट) में रसायन विषय के प्रश्नों को प्राप्त करने के लिए प्रश्नपत्र तैयार करने वाली टीम में शामिल पीवी कुलकर्णी को पांच लाख रुपये का भुगतान किया था। नीट प्रश्नपत्र लीक मामले की जांच कर रही सीबीआई ने यह दावा किया।
एजेंसी पहले ही इस मामले में मोटेगांवकर को गिरफ्तार कर चुकी है।
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने बुधवार को आरोप लगाया कि मोटेगांवकर का बेटा कुलकर्णी की कोचिंग में पढ़ाई करता था, जहां नीट के प्रश्न लीक किये जाते थे।
सीबीआई ने मोटेगांवकर की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि उसने मामले के ‘सह-आरोपियों के साथ मिलकर परीक्षा से पहले नीट-स्नातक के रसायनशास्त्र के लीक हुए सवाल हासिल किए और इसके लिए पांच लाख रुपये का भुगतान किया।’’
एजेंसी ने बताया कि मोटेगांवकर ने कुलकर्णी की रसायनशास्त्र की कक्षा में बताए गए सवालों के आधार पर हाथ से लिखे नोट्स तैयार किए थे।
सीबीआई ने दलील दी कि उसने मोटेगांवकर का फोन जब्त किया है, जिसमें 36 तस्वीरें (पांच डुप्लीकेट तस्वीरें) मिली हैं। इन तस्वीरों में रसायनशास्त्र के 132 हाथ से लिखे सवाल थे।
सीबीआई ने जमानत अर्जी के विरोध में दाखिल जवाब में कहा है कि इनमें से 111 सवाल कथित तौर पर नीट-यूजी 2026 के लिए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के तैयार किए गए ‘प्रमुख प्रश्नपत्र संकलन’ के सवालों से मेल खाते हैं।
संघीय एजेंसी ने दावा किया गया कि ये दस्तावेज मोटेगांवकर की लिखावट में थे। साथ ही, मेटाडेटा एनालिसिस से सामने आया कि ये तस्वीरें तीन मई को हुई नीट-यूजी से लगभग 10 दिन पहले ली गई थीं।
एजेंसी ने कहा, ‘‘नीट-यूजी 2026 से जुड़े रसायनशास्त्र के सवालों के आपत्तिजनक नोट्स, जो कथित तौर पर शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर की लिखावट में थे, उसके मोबाइल फोन से बरामद किए गए। लीक हुए प्रश्नों को हासिल करने के लिए कथित तौर पर दिए गए पैसे, सह-आरोपी मनोज भगवानराव शिरुरे की निशानदेही पर बरामद की गई।’’
सीबीआई ने इस मामले में अबतक कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया है और सभी इस समय न्यायिक हिरासत में हैं।
एनटीए ने कथित प्रश्नपत्र लीक के मद्देनजर तीन मई को हुई नीट-यूजी 12 मई को रद्द कर दी और 21 जून को नए सिरे से यह परीक्षा आयोजित की।
भाषा धीरज प्रशांत
प्रशांत

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