नयी दिल्ली, पांच सितंबर (भाषा) सचल वैज्ञानिक प्रयोगशाला बनाने, पुनर्चक्रण की गई वस्तुओं से संवादात्मक आउटडोर साइंस और नॉलेज पार्क तैयार करना, रीडिंग कैंपेन और ‘ट्री टॉक’ ( क्यूआर कोड-आधारित वनस्पति अध्ययन प्रणाली) जैसे नवोन्मेष के लिए 82 शिक्षकों को इस वर्ष राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
शिक्षक दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को तीन विभागों से चुने गए 82 शिक्षकों और शिक्षाविदों को सम्मानित किया। इनमें स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के 48 शिक्षक, उच्च शिक्षण संस्थानों और पॉलिटेक्निक के 21 शिक्षक या फैकल्टी सदस्य, और कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के 13 कौशल प्रशिक्षक शामिल हैं।
राजस्थान के झालावाड़ स्थित महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय के दिव्येंदु सेन को आभासी जीव विज्ञान प्रयोगशाला, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित जीवविज्ञान शिक्षा और ‘ट्री टॉक’ क्यूआर आधारित वनस्पति अध्ययन प्रणाली जैसे कम लागत वाले और बड़े पैमाने पर लागू किए जा सकने वाले समाधान विकसित करने के लिए सम्मानित किया गया है। इन पहलों को राजकीय विद्यालयों के छात्रों तक उच्च-स्तरीय ‘स्टेम’ (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अभियांत्रिकी और गणित)शिक्षा पहुंचाने की उनकी क्षमता के लिए सराहा गया है।
छत्तीसगढ़ के खिचड़ी स्थित राजकीय मध्य विद्यालय की सुनीता यादव को ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाने और समग्र शैक्षिक विकास की पहलों का नेतृत्व करने के लिए इस सम्मान से सम्मानित किया गया है।
पुरस्कार के साथ दिये गए प्रशस्ति पत्र में कहा गया, ‘‘ उनकी शानदार सामुदायिक पहल ‘न्योता भोजन’ (जो अब पूरे राज्य में फैल चुका है) और घर-घर पुस्तक वाचन अभियान की वजह से उनके स्कूल में 100 प्रतिशत मूलभूत साक्षरता और संख्या ज्ञान (एफएलएन)का लक्ष्य हासिल किया है, जिससे स्कूल को ‘सुघ्घर पढ़ैया’ कौस्तुभ श्रेणी का दर्जा मिला है। ‘न्योता भोजन’ समुदाय द्वारा प्रायोजित भोजन की एक पहल है, जिसका श्रेय यादव के स्कूल में छात्रों के पोषण में सुधार लाने को जाता है।’’
महाराष्ट्र के नासिक की कुंडा जयवंत बछाव को हर विद्यार्थी तक नवोन्मेषी और समान शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए यह पुरस्कार प्रदान किया गया है।
बछाव को प्रदान प्रशस्ति पत्र में कहा गया, ‘‘ अपनी शैक्षणिक मार्गदर्शन पहल के जरिए, उन्होंने 150 से अधिक जरूरतमंद लड़कियों को आर्थिक और शैक्षणिक मदद दी है, जिससे कम उम्र में शादी को रोका जा सका है और उनके लिए उच्च शिक्षा के रास्ते खुले हैं। सामुदायिक और कंपनी सामाजिक दायित्व (सीएसआर) की मदद से 55 लाख रुपये से अधिक सहायता राशि एकत्र करने और छात्रों को राष्ट्रीय पुरस्कार दिलाने के लिए उनका मार्गदर्शन, सर्वांगीण विकास, समुदाय के भरोसे और समावेशी राष्ट्र-निर्माण के प्रति उनके असाधारण समर्पण को प्रदर्शित करती है।’’
चंडीगढ़ के राजकीय आदर्श माध्यमिक विद्यालय के रवि जायसवाल को उनके नए तरह के शिक्षण के तरीकों के लिए सम्मानित किया गया है। उन्होंने कम लागत वाले और आसानी से बढ़ाए जा सकने वाले कई समाधान तैयार किए हैं, जैसे कि सीवी रमन डोम थिएटर, वाहन पर स्थापित सचल विज्ञान प्रयोगशाला और पुनर्चक्रण की गई वस्तुओं से बना संवादत्मक आउटडोर विज्ञान और ज्ञान पार्क।
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की रेनू त्रिपाठी को 60 गांवों के स्कूल छोड़ने वाले और स्कूल न जाने वाले बच्चों को वापस कक्षा में लाने के लिए की गई कोशिशों को मान्यता देने के वास्ते राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
भाषा धीरज पवनेश
पवनेश