हैदराबाद, पांच सितंबर (भाषा) तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने केंद्र की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार पर गैर-भाजपा शासित राज्यों में ‘‘वोट चोरी’’ की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए शनिवार को कहा कि भाजपा राज्य में अगले विधानसभा चुनाव जीतने के लिए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान कांग्रेस समर्थकों के वोट काटने की कोशिश कर रही है।
अपने कोडंगल विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की बैठक में हिस्सा लेने के बाद रेड्डी ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने महाराष्ट्र, बिहार और पश्चिम बंगाल के चुनाव एसआईआर के दौरान ‘‘वोट काटकर’’ जीते।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अब तेलंगाना में भी इसी तरह की ‘‘कपटपूर्ण रणनीति’’ अपना रही है और एसआईआर के दौरान अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति व अल्पसंख्यक मतदाताओं को मतदाता सूची से हटाने के लिए निशाना बनाया गया।
एक बयान के अनुसार, रेवंत रेड्डी ने कहा, “हम चुपचाप नहीं बैठेंगे और कांग्रेस समर्थकों के नाम हटाने की भाजपा की चाल का मुकाबला करने के लिए तैयार हैं। पार्टी कार्यकर्ता ऐसी किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं करेंगे।”
मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा ने पिछले चुनावों में राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को हराने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) का इस्तेमाल किया और अब पार्टी वोट हटवाने का सहारा ले रही है।
बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने ‘‘छोटी-मोटी त्रुटियों’’ का बहाना बनाकर वोट हटाने की कथित कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताई।
रेड्डी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस को हराने के लिए मत हटाने के मामले में भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) भी भाजपा का साथ दे रही है।
विज्ञप्ति के अनुसार, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि “मत देने के अधिकार की रक्षा” की जिम्मेदारी सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं की है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के बूथ स्तरीय एजेंट (बीएलए) को गांव के स्तर पर तालमेल करना चाहिए ताकि यह पक्का किया जा सके कि गरीबों के वोट न कटें। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि हर मंडल-स्तर के नेता को चार गांवों की जिम्मेदारी लेनी चाहिए और यह पक्का करना चाहिए कि किसी भी बूथ से एक भी मत न कटे।
उन्होंने कहा, “सभी को सतर्क रहना चाहिए और भाजपा तथा बीआरएस की साजिशों को नाकाम करना चाहिए।”
भाषा प्रशांत खारी
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