इलाज के बाद महिला के पैर गंवाने को लेकर तृणमूल नेता अभिषेक बनर्जी के खिलाफ मामला दर्ज

Ads

इलाज के बाद महिला के पैर गंवाने को लेकर तृणमूल नेता अभिषेक बनर्जी के खिलाफ मामला दर्ज

  •  
  • Publish Date - July 12, 2026 / 07:59 PM IST,
    Updated On - July 12, 2026 / 07:59 PM IST

कोलकाता, 12 जुलाई (भाषा) पश्चिम बंगाल में कुछ महीने पहले शुरू की गई स्वास्थ्य देखभाल पहल ‘सेवाश्रय’ शिविर में घुटने के दर्द के इलाज के बाद एक महिला के अपना पैर गंवाने को लेकर दायर शिकायत पर तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।

सूत्रों के मुताबिक, इस विवाद में हस्तक्षेप करते हुए राज्य के स्वास्थ्य मंत्री शरदवत मुखोपाध्याय ने शिकायतकर्ता महिला से बात की। उन्होंने महिला के परिवार के सदस्यों को मामले की विस्तार से समीक्षा के लिए सोमवार को साल्ट लेक स्थित स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय, स्वास्थ्य भवन आने को कहा।

सूत्रों ने बताया कि मुखोपाध्याय ने महिला के परिजनों से उनके इलाज, और कथित (चिकित्सकीय) लापरवाही से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज लाने को कहा है।

डायमंड हार्बर से सांसद बनर्जी ने इस शिविर की उस वक्त शुरुआत की थी, जब राज्य में तृणमूल कांग्रेस सत्ता में थी।

पुलिस ने बताया कि ‘सेवाश्रय’ स्वास्थ्य शिविरों में कथित अनियमितताओं के संबंध में बनर्जी के खिलाफ इससे पहले भी दो प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

तीसरी प्राथमिकी दक्षिण 24 परगना जिले के महेशतला निवासी मालती बिस्वास की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई। महिला ने नौ जुलाई को पुलिस में शिकायत की थी कि उनके इलाके में आयोजित ‘सेवाश्रय’ स्वास्थ्य शिविर में चिकित्सकीय लापरवाही के कारण उन्हें अपना एक पैर गंवाना पड़ा।

शिकायत के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस के एक स्थानीय पूर्व पार्षद के कहने पर बिस्वास 8 फरवरी को स्वास्थ्य शिविर में गई थीं। उन्हें गठिया के कारण लंबे समय से घुटने में दर्द की शिकायत थी। वहां एक चिकित्साकर्मी ने उन्हें कुछ दवाओं का सेवन करने की सलाह दी, जिन्होंने पर्ची पर अपना पूरा नाम या मेडिकल पंजीकरण संख्या नहीं लिखा था। इसके बाद, बिस्वास ने उन दवाओं का सेवन शुरू किया।

हालांकि, बिस्वास की हालत बिगड़ गई, जिससे उन्हें एक और सेवाश्रय शिविर में जाना पड़ा। उन्होंने पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि दूसरे शिविर के चिकित्सकों ने इलाज के लिए मोटी रकम मांगी और जब उन्होंने पैसे देने से इनकार कर दिया, तो उन्हें सरकारी अस्पताल भेज दिया।

बिस्वास को एमआर बांगुर सरकारी अस्पताल रेफर किया गया। बाद में, 19 मार्च को उन्हें राज्य सरकार द्वारा संचालित कलकत्ता नेशनल मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 25 अप्रैल को उनके घुटने की सर्जरी की गई।

पुलिस में दी गई शिकायत में मरीज के पति ने बताया कि सर्जरी के बाद दाहिने पैर में गंभीर समस्या पैदा होने के बाद 27 मई को घुटने के ऊपर से पैर को काटना पड़ गया।

रवींद्रनगर थाने के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि कुछ दिन पहले मिली शिकायत के आधार पर अभिषेक बनर्जी और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच जारी है।

डायमंड हार्बर के भाजपा नेता अभिजीत दास ने कहा कि राज्य सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है। दास ने रवींद्रनगर पुलिस थाने में शिकायत दायर करने में परिवार की मदद की थी।

दास ने कहा, ‘‘स्वास्थ्य मंत्री ने शिकायत की गंभीरता पर गौर किया है और मालती बिस्वास तथा उनके परिवार को संबंधित दस्तावेजों के साथ स्वास्थ्य भवन आने को कहा है। उन्होंने (मंत्री ने) उनसे फोन पर बात की और यह जानकारी भी ली कि उनका इलाज किस तरह से किया गया।’’

भाषा सुभाष दिलीप

दिलीप