उत्तराखंड के स्यानाचटटी में कुपड़ागाड़ से आये मलबे से यमुना नदी में झील बनी

Ads

उत्तराखंड के स्यानाचटटी में कुपड़ागाड़ से आये मलबे से यमुना नदी में झील बनी

  •  
  • Publish Date - August 21, 2025 / 10:09 PM IST,
    Updated On - August 22, 2025 / 12:42 PM IST

उत्तरकाशी, 21 अगस्त (भाषा) उत्तराखंड में उत्तरकाशी जिले के स्यानाचट्टी में बृहस्पतिवार को बरसाती नाले कुपडागाड़ से आए मलबे से यमुना नदी का प्रवाह रूक गया जिससे वहां अस्थायी झील बन गयी।

पुलिस ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से आस-पास के मकान एवं होटल खाली करवा लिये गये हैं और वहां से 150 लोगों को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया है।

उसने बताया कि बड़कोट के उपजिलाधिकारी, राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), पुलिस, अग्निशमन सेवा, सिंचाई विभाग, राजस्व विभाग की टीम मौके पर मौजूद हैं।

शाम में कुपडागाड़ में आये मलबे से यमुना में झील बन गई जिससे सड़क से नीचे की ओर के सभी होटलों और मकानों में पानी भर गया । पुल के ऊपर तक पानी भर गया है।

पुलिस ने बताया कि आसपास के क्षेत्रों के सभी मकानों और होटलों को खाली करवा कर वहां से 150 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है।

पुलिस का कहना है कि इसके अलावा, ओजरी, पूजारगांव, पाली, खरादी तथा कुथनोर को भी सतर्क कर दिया गया है।

पुलिस ने बताया कि निचले इलाकों के सभी लोगों को सचेत रहने को कहा गया है। उसने बताया कि सभी स्थानीय निवासियों से अपील की गयी है कि यमुना नदी के आस-पास न जाएं और सुरक्षित स्थानों पर रहें।

इससे पहले, 28 जून की देर रात को बादल फटने से कुपड़ागाड़ से भारी मलबा आया था और यमुना नदी का प्रवाह रुक गया था जिससे यमुना नदी पर झील बन गई थी ।

तब भी स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई थी क्योंकि झील का पानी होटलों की निचली मंजिलों तक पहुंच गया था । हालांकि, कुछ दिनों बाद मशीनरी द्वारा मलबा हटाये जाने पर झील का पानी धीरे-धीरे कम हो गया था।

प्रदेश भाजपा के मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान ने बताया कि उनकी पार्टी की सरकार संकट की इस घड़ी में प्रभावित परिवारों के साथ पूरी तरह से खड़ी है।

भाषा सं दीप्ति राजकुमार

राजकुमार