नयी दिल्ली, 24 फरवरी (भाषा) दिल्ली में एक शख्स ने जामा मस्जिद के पास के बाजार में आए एक विदेशी सैलानी की जेब काटने के लिए कथित रूप से अपने नाबालिग बेटों को भेजा और शक से बचने के लिए चोरी के डॉलर अपने पास रख लिए। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार, आरोपी अपने बच्चों को भीड़भाड़ वाले बाजारों में भेजता था ताकि वे विदेशी पर्यटकों और खरीदारों के बैग से नकदी और कीमती सामान की पहचान कर उन्हें चुरा लें।
पुलिस ने बताया कि नाबालिग चोरी किए गए सामान को पिता को सौंप देते थे।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, “ यह मामला 15 जनवरी को जामा मस्जिद थाने में दर्ज ई-प्राथमिकी के बाद सामने आया। यह शिकायत उज्बेकिस्तान के एक नागरिक की थी, जो अपनी नाबालिग बेटी के गुरुग्राम में कैंसर के ऑपरेशन के लिए भारत आया था।”
उनके मुताबिक, शिकायतकर्ता ने कहा कि वह अपने परिवार के साथ जामा मस्जिद के पास बाजार घूमने और खरीदारी करने गया था और उसके स्लिंग बैग में 7,200 अमेरिकी डॉलर थे जो भीड़ के बीच चोरी कर लिए गए।
अधिकारी ने कहा, ‘‘ एक टीम का गठन किया गया। टीम ने बाजार के अंदर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का विश्लेषण किया। न्यू सीलमपुर के निवासी और आपस में भाई दो लड़कों की पहचान की गई जिनकी उम्र 15 और 13 वर्ष है। उन्हें पकड़ लिया गया।”
जांच के दौरान, पुलिस को पता चला कि वे अपने पिता के कहने पर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे और बाद पिता को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने बताया कि आरोपी पिता से 2,500 अमेरिकी डॉलर और शिकायतकर्ता का एटीएम कार्ड बरामद किया गया, जबकि उसके घर से 4,000 अमेरिकी डॉलर बरामद हुए। चोरी की रकम से खरीदा गया 48,000 रुपये का एक मोबाइल फोन और 4,700 रुपये की भारतीय मुद्रा भी जब्त की गई।
अधिकारी ने कहा, ‘रिकॉर्ड की जांच से पता चला कि पिता 2013 में लूट के एक मामले में शामिल था। नाबालिग भी पहले के चोरी के मामलों में शामिल पाए गए।’
भाषा नोमान नोमान मनीषा
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