जम्मू, 26 जनवरी (भाषा) उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को कहा कि जम्मू कश्मीर में एक नए युग की शुरुआत हो गई है।
सिन्हा ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर जारी रहने और सिंधु जल संधि के स्थगित होने के साथ, भारत के जल संसाधनों का उपयोग अब उसकी अपनी आवश्यकताओं के लिए किया जाएगा।
सिन्हा ने यहां मौलाना आजाद स्टेडियम में 77वें गणतंत्र दिवस समारोह को संबोधित करते हुए लोगों को आश्वासन दिया कि सरकार आतंकवाद से जुड़े हर मामले की गहन जांच करेगी और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी।
उपराज्यपाल ने तिरंगा फहराया, गणतंत्र दिवस परेड की टुकड़ियों का निरीक्षण किया और सलामी ली।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला समारोह के मुख्य अतिथि थे। इस कार्यक्रम में नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला, जम्मू कश्मीर विधानसभा के अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर और विपक्ष के नेता सुनील शर्मा समेत भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता भी उपस्थित थे।
पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात सहित पुलिस, सेना, अर्धसैनिक और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ढाई घंटे से अधिक समय चले इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
इससे पहले, उपराज्यपाल ने पुलिस शहीद स्मारक और बलिदान स्तंभ पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले पुलिस, सेना और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर सभी को शुभकामनाएं देते हुए सिन्हा ने कहा कि यह लोकतांत्रिक आदर्शों के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता को नवीकृत करने का क्षण है।
उन्होंने सशस्त्र बलों, पुलिस, अर्धसैनिक इकाइयों और नागरिक प्रशासन के सभी सदस्यों के प्रति आभार जताया, जिन्होंने पिछले वर्ष मई में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपने कर्तव्य, समर्पण और वीरता से राष्ट्र का गौरव बनाए रखा।
भारतीय सशस्त्र बलों ने 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान में आतंकी ढांचे पर प्रहार किया था।
उपराज्यपाल सिन्हा ने कहा, ‘‘ऑपरेशन सिंदूर भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सिद्धांत में एक निर्णायक मोड़ साबित हुआ। भारत ने स्पष्ट कर दिया कि उसकी धरती पर किसी भी आतंकवादी हमले को युद्ध की कार्रवाई माना जाएगा। ऑपरेशन सिंदूर महज एक सैन्य कार्रवाई नहीं था; यह भारत के रणनीतिक संकल्प की घोषणा थी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमने दुश्मन के गढ़ पर प्रहार किया, उनके आतंकी ढांचे को ध्वस्त कर दिया, परमाणु धमकियों की खोखली सच्चाई उजागर कर दी और राष्ट्रीय संप्रभुता की रक्षा के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता को दोहराया। भारत ने दुनिया को यह संदेश दिया कि आतंकवाद के हर कृत्य और उसे समर्थन देने के हर प्रयास का निर्णायक जवाब दिया जाएगा।”
सिन्हा ने कहा कि भारत ने एक नयी रेखा खींच दी है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर की सफलता ने नागरिकों में यह विश्वास फिर से जगा दिया है कि भारत के बहादुर सैनिक सतर्क हैं और उनकी सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
उन्होंने कहा, “साथ ही, इसने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह स्पष्ट संदेश दिया है कि भारत की कार्रवाई तर्कसंगत, संयमित और आत्मरक्षा के वैध अधिकार पर आधारित है। चाहे आतंकवादी नेटवर्क सीमा पार काम करें या भीतर, उन्हें पूरी तरह से खत्म किया जाएगा। ऑपरेशन सिंदूर जारी है और हर शत्रुतापूर्ण गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है।”
सिन्हा ने कहा कि अहिंसक उपायों के तहत, भारत ने सिंधु जल संधि स्थगित कर दी है, जिससे यह कड़ा संदेश दिया गया है कि रक्तपात और सहयोग एकसाथ नहीं चल सकते। उन्होंने कहा, ‘‘भारत के जल संसाधनों का उपयोग अब भारत के विकास के लिए किया जाएगा।’’
उन्होंने पुलवामा आतंकवादी हमले में जान गंवाने वाले सभी नागरिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और सुरक्षाबलों की सराहना की, जिन्होंने ऑपरेशन महादेव के तहत हमले में शामिल तीन पाकिस्तानी आतंकवादियों का खात्मा किया और देश की ‘‘मां-बहनों’’ की गरिमा की रक्षा की।
उपराज्यपाल ने पुलिस की भी सराहना की, जिन्होंने पिछले नवंबर में देशभर में आतंकवादियों के एक नेटवर्क का पर्दाफाश किया और कई हमलों को समय रहते नाकाम किया। उन्होंने कहा, ‘‘जम्मू कश्मीर में शांति और प्रगति को अपने रक्त से सुरक्षित करने वाले उन लोगों का ऋण कभी नहीं चुकाया जा सकता।’’
सिन्हा ने कहा कि जम्मू कश्मीर में एक नयी सुबह का आगाज हो चुका है। उन्होंने कहा, ‘‘रोजगार उन लोगों को नहीं दिया जा रहा है जो आतंकवाद से जुड़े हैं, बल्कि उन परिवारों को दिया जा रहा है जो आतंकवाद से प्रभावित हुए हैं। दशकों से दबाए गए दर्द और आंसू अब अंततः मिटाए जा रहे हैं। मैं जम्मू कश्मीर के लोगों को आश्वस्त करता हूं कि हम आतंकवाद से जुड़े हर मामले की पूरी तरह से जांच करेंगे, नए सिरे से जांच करेंगे और दोषियों को कड़ी सजा देंगे।’’
उन्होंने पिछले साल प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वाले नागरिकों को भी श्रद्धांजलि दी और कहा कि सरकार की सहायता के साथ-साथ, कंपनियों और स्वयंसेवी संगठनों ने प्रभावित परिवारों को त्वरित राहत सुनिश्चित करने में मदद की। उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में, सरकार उनके पूर्ण पुनर्वास के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।’’
भाषा अमित नेत्रपाल
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