Aam Aadmi Party Consent in Principle to UCC
नई दिल्ली : इस समय देश में यूसीसी यानी सामान नागरिक संहिता को लेकर राजनीतिक दलों के बीच तलवारे खींची हुई है। भारतीय जनता पार्टी जहां एक ओर इसे अपनी प्राथमिक घोषणा बताकर देशभर में लागू करने पर आमादा नजर आ रही है, तो वही दूसरी तरह वाम दल इस कानून के विरोध में खड़े दिखाई दे रहे है। (Aam Aadmi Party Consent in Principle to UCC) विपक्षी दल कांग्रेस भी इस पर अपना कोई स्पष्ट रुख अख्तियार नहीं कर पाई है। वह भी आम सहमति का हवाला दे रही है। लेकिन इसी बीच आम आदमी पार्टी ने इस कानून को लेकर अपनी सैद्धांतिक सहमति प्रदान कर दी है। आप के राजयसभा सांसद संदीप पाठक ने इस बारे में न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए अपनी पार्टी का रुख स्पष्ट किया।
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संदीप पाठक ने कहा कि सैद्धांतिक रूप से आम आदमी पार्टी सामान नागरिक संहिता के साथ धारा 44 को अपना समर्थन देती है। हालाँकि उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इसे लागू तभी करना चाहिए जब देशभर में एक राय हो। इसके लिए जरूरी है कि सरकार सभी राजनीतिक और गैर राजनीतिक पार्टी, संगठंनो से बात करे, एक आमराय तैयार करें।
VIDEO | "In principle, we do stand with the UCC. However, it should be implemented after a wider consultation with everyone," says AAP leader Sandeep Pathak on PM Modi's remark on uniform civil code. pic.twitter.com/zQy57Nz2Ht
— Press Trust of India (@PTI_News) June 28, 2023
आसान नहीं भाजपा की राह
बता दें कि सरकार ने यूसीसी पर आम सहमति बनाने की कोशिश करते हुए इस पर राय मांगी है। सरकार के एक सांसद इस पर प्रायवेट कानून भी संसद में ला चुके है। यूसीसी भाजपा के मुख्य एजेंडे में रहा है। श्रीराम मंदिर, तीन तलाक और धारा 370 की तरह सामान नागरिक संहिता भी बीजेपी के घोषणा पत्र में शामिल रहा है। (Aam Aadmi Party Consent in Principle to UCC) भाजपा की कोशिश है कि 2024 के आम चुनाव से पहले इस मुद्दे को लेकर एक माहौल तैयार किया जाये। हालाँकि सरकार को अबतक इस दिशा में कोई बड़ी कामयाबी नहीं मिल पाई है। खुद भाजपा के कई गठबंधन दल भी इसे लेकर एक राय नहीं है। ऐसे में इस पर एक राय तैयार कराना और फिर संसद में कानून के रूप में तैयार कर देशभर में लागू करा पाना भाजपा के लिए टेढ़ी खीर साबित होगा।