चंडीगढ़ नगर निगम में प्रवेश से रोकने पर आप पार्षदों की पुलिस के साथ बहस

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चंडीगढ़ नगर निगम में प्रवेश से रोकने पर आप पार्षदों की पुलिस के साथ बहस

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  • Publish Date - February 5, 2024 / 04:36 PM IST,
    Updated On - February 5, 2024 / 04:36 PM IST

चंडीगढ़, पांच फरवरी (भाषा) चंडीगढ़ के महापौर चुनाव में कथित धांधली के विरोध में भाजपा के खिलाफ आम आदमी पार्टी (आप) के विरोध प्रदर्शन के दूसरे दिन सोमवार को चंडीगढ़ नगर निगम कार्यालय में प्रवेश करने से रोके जाने पर आप पार्षदों की पुलिस के साथ बहस हो गई।

नगर निगम कार्यालय के बाहर भूख हड़ताल पर बैठे एक पार्षद समेत पांच आप कार्यकर्ताओं को भी पुलिस ने मौके से हटा दिया। बाद में पुलिस ने घटनास्थल पर एकत्र हुए सभी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।

आप के चंडीगढ़ सह-प्रभारी सन्नी अहलूवालिया की अगुवाई में आप पार्षदों ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ नारेबाजी की तथा महापौर के चुनाव के दौरान मतपत्रों में कथित ‘‘छेड़छाड़’’ करने वाले अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

नगर निगम कार्यालय में प्रवेश करने की कोशिश करने वाले आप पार्षदों को पुलिसकर्मियों ने प्रवेश द्वार पर ही रोक दिया जिससे उनकी पुलिस के साथ बहस हो गई।

आप पार्षद प्रेमलता ने कहा, ‘‘हमारे पास नगर निगम कार्यालय में प्रवेश करने का हर अधिकार है।’’

कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती दिखी और अवरोधक लगे नजर आए।

अहलूवालिया ने पूर्व में कहा था कि रविवार से आप के पांच सदस्य- एक नेता और चार पार्षद भूख हड़ताल करेंगे तथा अन्य पांच सदस्य अगले दिन भूख हड़ताल पर बैठेंगे।

उन्होंने कहा था, ‘‘यह क्रमिक भूख हड़ताल ‘वोट चोर’ भाजपा के खिलाफ और हमारे लोकतंत्र को बचाने के लिए है।’

हालांकि, सोमवार को भूख हड़ताल पर बैठे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हटा दिया।

भाजपा ने चंडीगढ़ में कांग्रेस और आप गठबंधन के खिलाफ महापौर चुनाव में जीत हासिल की थी।

भाजपा के मनोज सोनकर ने महापौर पद के चुनाव में आप के कुलदीप कुमार को हराया था। उन्हें अपने प्रतिद्वंद्वी के 12 वोट के मुकाबले 16 वोट मिले थे। आठ वोट अवैध घोषित कर दिए गए थे।

विपक्षी पार्षदों ने आरोप लगाया कि चुनाव अधिकारी ने मतपत्रों के साथ छेड़छाड़ की। भाजपा ने इस आरोप को खारिज किया है।

भाषा रंजन रंजन नेत्रपाल

नेत्रपाल