(तस्वीरों के साथ)
कोलकाता, 20 अप्रैल (भाषा) तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर “शवों पर राजनीति” करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने 2018 में अपने दो कार्यकर्ताओं की अप्राकृतिक मौत के मामले से तृणमूल कांग्रेस को गलत तरीके से जोड़ा और बाद में उन्हें (मृत कार्यकर्ताओं) तथा उनके परिवारों को पूरी तरह से भुला दिया।
पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले के बलरामपुर विधानसभा क्षेत्र में पार्टी उम्मीदवार शांतिराम महतो के समर्थन में आयोजित चुनावी रैली को संबोधित करते हुए अभिषेक ने याद दिलाया कि 2018 में भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने मृत कार्यकर्ताओं के परिजनों से मुलाकात की थी और उन्हें नौकरी देने का वादा किया था, जो अभी तक पूरा नहीं हुआ है।
तृणमूल नेता ने सवाल किया, “क्या पुरुलिया से भाजपा सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो और बलरामपुर विधानसभा सीट से पार्टी उम्मीदवार स्पष्ट करेंगे कि मृतक दुलाल कुमार और त्रिलोचन महतो के परिजनों को वादे के मुताबिक नौकरी क्यों नहीं दी गई? क्या वे यह बताएंगे कि भाजपा नेताओं ने दोनों कार्यकर्ताओं की मौत का राजनीतिक फायदा उठाने के बाद उनके परिजनों से संपर्क क्यों तोड़ दिया?”
उन्होंने दुलाल और त्रिलोचन की मौत को “दुखद” करार देते हुए दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस की इसमें कोई भूमिका नहीं थी, जो बाद के घटनाक्रमों से साबित भी हो चुका है।
अभिषेक ने आरोप लगाया कि भाजपा की “लाश की राजनीति एक शर्मनाक हरकत है, जो मृतकों का अपमान करती है।”
पुरुलिया निवासी दुलाल (35) को दो जून 2018 और त्रिलोचन (20) को 31 मई 2018 को संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका हुआ पाया गया था। भाजपा ने दोनों कार्यकर्ताओं की मौत को “राजनीतिक हत्या” करार देते हुए इनकी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की थी।
अभिषेक ने कहा, “आठ साल बाद वे (भाजपा नेता) उन दोनों को भूल चुके हैं, क्योंकि उनकी मौत से उन्हें उतना राजनीतिक लाभ नहीं मिला, जितना उन्होंने सोचा था। भाजपा शवों पर राजनीति कर रही है और परिजनों की भावनाओं का फायदा उठा रही है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि कोलकाता और अन्य क्षेत्रों में ऐसे कई मामले सामने आए, जब भाजपा नेताओं ने कार्यकर्ताओं या समर्थकों की मौत के बाद उनके परिजनों से संपर्क किया, घटनाओं को तृणमूल कांग्रेस से जोड़ा और बाद में उनसे “किनारा” कर लिया।
अभिषेक ने कहा, “यह भाजपा का असली चेहरा है।”
उन्होंने भाजपा पर पुरुलिया के सुदूर इलाकों के विकास के लिए बहुत कम काम करने का आरोप लगाया, जबकि जिले में भाजपा सांसदों और विधायकों का “डबल-इंजन” प्रतिनिधित्व है।
अभिषेक ने कहा, “तृणमूल कांग्रेस यह सुनिश्चित करेगी कि अगले पांच वर्षों में जिले के हर घर में पाइप से पीने का पानी पहुंच जाए।”
उन्होंने भाजपा पर स्वदेशी और पिछड़े समुदायों की भावनाओं, संस्कृति एवं विरासत का सम्मान करने में विफल रहने का भी आरोप लगाया है।
अभिषेक ने पूछा, “क्षेत्र के कुर्मी समुदाय द्वारा बोली जाने वाली कुर्माली भाषा को मान्यता देने के लिए उन्होंने क्या किया है? हमारी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 19 फरवरी को केंद्र को पत्र लिखकर इस भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने की सिफारिश की थी। उनसे पूछिए कि केंद्र इस अनुरोध पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा है। इसके विपरीत, हमारी सरकार ने इस भाषा को पहले ही उचित मान्यता दे दी है।”
भाषा पारुल दिलीप
दिलीप