शिवगंगा (तमिलनाडु), नौ मार्च (भाषा) तमिलनाडु में विपक्षी दल अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) ने हाल ही में पुलिस हिरासत में हुई 26 वर्षीय एक अपराधी की मौत के मामले में उसे बर्बरतापूर्वक प्रताड़ित किए जाने का दावा किया है।
पार्टी ने इस घटना की कड़ी निंदा की है, जबकि तमिलनाडु पुलिस का कहना है कि मौत गिरफ्तारी से बचने की कोशिश के दौरान लगी चोटों के बाद स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं के कारण हुई है।
पार्टी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया चैनल के माध्यम से राज्य पुलिस के खिलाफ गंभीर आरोप लगाया है और इस घटना को ‘हिरासत में मौत’ का मामला करार दिया है।
पार्टी ने दावा किया कि अनुसूचित जाति समुदाय से ताल्लुक रखने वाले इंजीनियरिंग स्नातक आकाश डेलिसन को पूछताछ के लिए हिरासत में लिए जाने के बाद उसे बर्बरतापूर्वक प्रताड़ित किया गया।
राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कार्यालय द्वारा रविवार को जारी एक बयान के अनुसार, डेलिसन पहले कई अपराधों में शामिल था, उसके खिलाफ हत्या के प्रयास सहित कई मामले लंबित थे।
पुलिस ने बताया कि वह छह मार्च को हुए एक हमले के मामले में वांछित था, जिसमें उसने और उसके एक साथी ने हत्या करने की नीयत से कथित तौर पर दो व्यक्तियों पर हथियारों से हमला किया था।
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी से बचने के लिये भागने की कोशिश के दौरान डेलिसन एक पुल से गिर गया, जिससे उसके पैरों में गंभीर चोटें आईं।
इसके बाद उसका शिवगंगा मेडिकल कॉलेज में उपचार किया गया और बाद में मानामदुरै के न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उसे 18 मार्च तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
मजिस्ट्रेट के निर्देश पर, उसे सात मार्च को मदुरै के गवर्नमेंट राजाजी अस्पताल (जीआरएच) कैदियों के कमरे में स्थानांतरित कर दिया गया था।
विज्ञप्ति के अनुसार, आठ मार्च की सुबह उपचार के दौरान डेलिसन को सांस लेने में तकलीफ हुई। पुलिस के अनुसार, इलाज के बावजूद, सुबह लगभग 5:45 बजे उसकी मृत्यु हो गई।
पुलिस के अनुसार आरोपी अपनी मृत्यु के समय चिकित्सीय देखरेख और न्यायिक रिमांड में था, लेकिन पार्टी ने परिवार के उन दावों का हवाला दिया है, जिनमें कहा गया है कि डेलिसन ने रिमांड से पहले उन्हें बताया था कि उसके साथ मारपीट की गई थी। विपक्षी पार्टी ने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
भाषा
प्रचेता दिलीप
दिलीप